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वीडियो : नागौर के जेएलएन अस्पताल के प्रत्येक डाॅक्टर की सेवाओं का होगा रिव्यू

राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक में कलक्टर ने दिए निर्देश

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नागौर. जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल में शुक्रवार को राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कलक्टर अरुण कुमार पुराेहित ने की। अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं सुधारने पर मंथन किया गया।

इस दौरान आरएमआरएस से अनुबंधित संविदा कार्मिकों का मानदेय 5 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया। कलक्टर ने कोर्ट के निर्देशानुसार एनजीओ के जरिए लिए गए कार्मिकों को आरएमआरएस से जोड़ने के लिए विधिक राय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों की सेवाओं का रिव्यू किया जाए, जिसमें यह देखा जाए कि कौनसा डॉक्टर कितने मरीज देखता है।

सूत्रों के अनुसार कलक्टर को सूचना मिली थी कि कुछ डॉक्टर आउटडोर में बैठने की बजाए इधर-उधर बैठकर टाइमपास करते हैं, जबकि कुछ डॉक्टरों के कक्ष के बाहर लम्बी-लम्बी कतारें लगी रहती है, इससे मरीजों को परेशान भी होना पड़ता है। इसको लेकर कलक्टर ने पीएमओ डॉ. आरके अग्रवाल को डॉक्टरों की सेवा का रिव्यू करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलक्टर ने कहा कि छात्र यश रोज के आश्रित को आरएमआरएस के जरिए संविदा पर नियुक्त दी जाए। अस्पताल की सुरक्षा के लिए वर्तमान में कार्यरत सिक्योरिटी एजेंसी के कार्मिकों का अनुबंध 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने और गत वर्ष के सभी बिलाें की सीए से ऑडिट करवाने का निर्णय किया। अस्पताल के सेविंग अकाउंट को सर्वाधिक ब्याज देने वाली बैंक में खुलवाने, डेंटल एक्स-रे मशीन खरीदने, नई सीटी मशीन खरीदने के लिए डीओ लेटर लिखने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन भवन का किया निरीक्षण

बैठक के बाद कलक्टर ने अस्पताल परिसर में बन रहे 189 बैड के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान काम में हो रही देरी को लेकर आरएसआरडीसी के अधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलक्टर ने कहा कि 189 बैडेड मल्टी स्पेशियलिटी भवन के दो फ्लोर जून माह में शुरू करने का प्रयास है।

मेल मेडिकल वार्ड में बेड बढ़ाने की मांग

जेएलएन अस्पताल में बेड बढ़ाने की मांग को लेकर बाबूराम खिलेरी के नेतृत्व में डॉक्टरों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि मेल मेडिकल वार्ड में 30 बेड है, जो हमेशा भरे हुए रहते हैं। इसके बाद आने वाले मरीजों को कौनसे वार्ड में और किस जगह भर्ती करना है, इसको लेकर आए दिन विवाद होता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नर्सिंग अधीक्षक व पीएमओ को कई बार अवगत कराया है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। एक दिन पहले बेड को लेकर मरीज और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद भी हो गया था।