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वीडियो : नागौर के हरित संगम मेले में वक्ताओं ने दिया स्वावलम्बन व जड़ों से जुड़े रहने का संदेश

अपना संस्थान व नगर परिषद नागौर के तत्वावधान में तीन दिवसीय मेले में होगा विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा : पर्यावरण संरक्षण आज की महत्ती आवश्यकता, पॉलीथीन का उपयोग बंद करें

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नागौर. कांकरिया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के खेल मैदान में रविवार को तीन दिवसीय हरित संगम मेला-2025 का शुभारम्भ शिक्षा व पंचायतीराज विभाग मंत्री के मदन दिलावर ने किया। कार्यक्रम में दिलावर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की महत्ती आवश्यकता है और यह तभी संभव है, जब हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाएं। पर्यावरण प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है गंदगी। उसको रोका जा सकता है, लेकिन हमारी विलासिता पूर्ण जीवनचर्या व लापरवाही के कारण हम गंदगी फैलाकर प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि हमें पॉलीथिन का उपयोग को पूरी तरह छोड़ना होगा। कपड़े की थैली का उपयोग किया जाए। डिस्पोजल आइटम के बजाय स्टील की थाली, ग्लास और अन्य बर्तन का उपयोग करें। सरकार पंचायतों को बर्तन बैंक बनाने के लिए एक लाख रुपए दे रही है। आपसी सहयोग से भी बर्तन बैंक बनाकर संचालन किया जा सकता है। मंत्री ने उपस्थित लोगों को भविष्य में पॉलीथीन का उपयोग नहीं करने का संकल्प दिलाया। समारोह में मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने नगर परिषद क्षेत्र के 10 स्वच्छता सैनानियों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें राजकुमार जावा, राजकुमार तेजी, इंदिरा, सुनील धारू, सीमा चंद्रमोहन, संपत्ति, सीमा राजूराम, प्रेमचंद जावा, प्रकाश कंडारा व उर्मिला शामिल रहे। इससे पहले मंत्री ने मेले में लगी स्टाॅल का अवलोकन कर कलाकारों की तारीफ की।

धरती में आत्मा है…

पांचला सिद्धा आश्रम के महंत सूरजनाथ ने कहा कि धरती में आत्मा है, धरती अपने आप में जीवित है। इसलिए इस बात के प्रति हम संवेदना रखें कि धरती में जहर नहीं डालेंगे और इसको दूषित नहीं करेंगे। कार्यक्रम को संगीतकार सतीश देहरा, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसरजीगिशा जोशी ने भी संबोधित किया। महंत सूरजनाथ महाराज के सान्निध्य में आयोजित हरित संगम कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने बतौर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया।

प्रकृति का शोषण नहीं पोषण करें

निंबाराम ने कहा कि आज विश्व जलवायु परिवर्तन से परेशान है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति का शोषण नहीं, पोषण करने की बात कही गई है। प्रकृति का शोषण करने के कारण से ही हरित संगम जैसे मेलों के आयोजन की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय पर्यावरण गतिविधि के अंतर्गत पेड़ व पानी का संरक्षण व सिंगल यूज प्लास्टिक का न्यूनतम प्रयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में थाली व थैला संग्रह अभियान के तहत 16 लाख थाली, थैला व गिलास इसी दृष्टि से महाकुंभ में भेजे गए। विभिन्न आश्रमों व भोजन पांडालों में इन सब के उपयोग से महाकुंभ के आयोजन में 40 से 50 प्रतिशत कचरा कम हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में पश्चिमी राजस्थान में हरियाली बढी है। इस श्रेष्ठ कार्य में पूरे समाज का योगदान है। शासन केवल साधन व तंत्र उपलब्ध करवा सकता है। प्रयास जनमानस को ही करना पड़ता है। निम्बाराम ने कहा कि वर्तमान में देश में जाति, धर्म, वर्ग आदि को लेकर गलत नेरेटिव पैदा किया जा रहा है। इसके विरोध में सम्पूर्ण समाज को खड़ा होना होगा, सबको जोड़ने से ही श्रेष्ठ भारत, समृद्ध भारत बनेगा ।

प्रतिभागियों की हौसलाअफजाई

इस मौके पर राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू, खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा, पूर्व विधायक मानसिंह किंगसरिया, जिला प्रमुख भागीरथराम चौधरी, पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, आयोजन समिति के संरक्षक भोजराज सारस्वत, शिवकरण डेलू सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने मेले में शामिल प्रतिभागियों की हौसलाअफजाई की। कार्यक्रम में मेला संयोजक मोहन राम सुथार ने कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सभापति मीतू बोथरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

ये रहे विजेता

प्रतियोगिता प्रभारी कमला चारण ने बताया कि चित्रकला के कनिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान पर प्रांजल गहलोत, द्वितीय तमन्ना व तृतीय चाहत वैष्णव रही। चित्रकला के वरिष्ठ वर्ग में खुशबू जहांगीर प्रथम, चंचल सरगरा द्वितीय व तृतीय स्थान पर आरती कंवर रही। चित्रकला कॉलेज वर्ग में प्रथम स्थान पर अरविंद कच्छावा, द्वितीय भूमिका सिखवाल और तृतीय प्रेरणा प्रजापत रही। प्रतियोगिता में शिक्षक श्रवण कुमार सोनी, राजाराम टाक और प्रेमचंद सांखला, रमेश सोलंकी, गोविन्द नारायण गुप्ता निर्णायक रहे।