28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वीडियो में देखिए, जेल के बंदियों ने भी मनाई होली, फाग गीतों पर खूब नाचे

जेल में जयकारे, गूंजी फाग की धमाल, स्वरों के सुरूर में झूमे बंदी, लगे होली के रसिया के जयकारे

2 min read
Google source verification
dance on the Holi songs

The prisoners celebrate Holi, dance on the Holi songs

नागौर. होली रंगों और उमंगों का त्योहार है। राजस्थान पत्रिका ने इस भावना को समझा और छरण्डी के दिन गुरुवार को जेल में बंदियों को स्वरों के मिठास की सौगात दी। जेल में 'स्वर-साधना' के कलाकारों की ओर से की गई इस 'धमाल' ने न केवल बंदियों के जीवन में होली की मिठास घोली बल्कि परम्परागत होरियों और लोक गीतों से जेल परिसर में मौजूद हर शख्स को आनंदित कर दिया। बंदियों ने भी गायकों के गीतों पर ठुमके लगाए और उनका उत्साह बढ़ाया। जेल उप अधीक्षक श्रवणलाल चौधरी ने कहा कि पत्रिका के इस आयोजन से पता चलता है कि पत्रिका केवल अखबार ही नहीं संस्कार एवं सामाजिक सरोकार के कार्यक्रमों भी अग्रणी रहने वाला संस्थान है। उप अधीक्षक चौधरी ने कहा कि इस तरह के आयोजन हर त्योहार पर होने से बंदियों को भी सुकून मिलता है तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुडऩे के सकारात्मक प्रयास करेंगे। नागौर के संपादकीय प्रभारी रूद्रेश शर्मा ने जेल प्रबंधन, कलाकारों, सहयोगियों तथा बंदियों को धन्यवाद दिया। स्ट्राइव फिल्म ने इस पूरे कार्यक्रम की यादों को कैमरे में कैद किया, वहीं मधुर साउण्ड ने गायकों का साथ दिया।

और रंग दे रे भाया और रंग दे....
जैन समाज नागौर के स्टार सिंगर श्रेयांस सिंघवी प्रस्तुति के लिए ज्योंही मंच पर आए तो बंदियों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। सिंघवी ने शानदार होली 'म्हारा सासुजी ने दाय कोनी आयो रे निलघर और रंग दे', 'सीता परणीजे श्रीरामजी चंवर्यां में बैठा हो' सहित एक से बढ़कर एक होलियां सुनाकर श्रोताओं को नाचने पर विवश कर दिया। बंदियों की मांग पर उन्होंने भैरूजी का भजन भी सुनाया। कार्यक्रम को उंचाइयां देने के लिए ज्योंही आकाशवाणी कलाकार कैलाश गौड़, आकाशवाणी कलाकार कैलाश माकड़ तथा संगीत शिक्षक एल. के. झा ने मंच संभाला तो मानो पूरा परिसर फागोत्सव के रंग में रंग गया। इस अवसर पर नरेन्द्र जोशी 'प्रेमी' ने भी शानदार होरी सुनाई। नरेन्द्र पारीक ने अपने यू टयुब एलबम 'मोबाइल में गुटर-गुटर रात कबूतर बोले रे' की दिलकश प्रस्तुति दी। प्रदीप वैष्णव व राकेश गोरमात ने 'लीलण सिणगारे' की धमाकेदार प्रस्तुति से सबको मस्त कर दिया। कार्यक्रम की शुरूआत युवा गजल गायक देवेन्द्र त्रिवेदी ने गणेश वंदना से की तथा इसके बाद उन्होंने परम्परागत होरी भी गाई। बंदी हाजी मोहम्मद ने दिलकश शायरियां सुनाई। इस मौके ऑर्गन पर प्रदीप वैष्णव, ढोलक पर राकेश गोरमात तथा ऑक्टोपेड पर प्रिंस ने संगत की। मधुर साउण्ड के रामकिशोर जांगीड़ ने सेवाएं दी। बंदीगृह में आयोजित इस शानदार कार्यक्रम को स्ट्राइव फिल्म नागौर के अंकित चांगरा ने कैमरे में कैद किया।

Story Loader