
पटवारी को चार साल कैद की सजा
नागदा. जमीन के नामांकन-सीमांकन के मामले में पटवारियों द्वारा रिश्वत मांगने की कई शिकायतें सामने आती हैं. ऐसे ही एक मामले में बंटाकन के नाम पर रिश्वत मांगने वाले रोहलखुर्द हलका के तत्कालीन पटवारी शैलेंद्र जैन को कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। पटवारी ने ताल के मिनावदा निवासी किसान से नागदा तहसील के रोहलखुर्द में स्थित जमीन के बंटवारा कराने के एवज में 33 हजार रुपए मांगे थे। लोकायुक्त से संबंधित भ्रष्टाचार के इस मामले में विशेष न्यायालय ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए जैन को 4.4 साल की सजा व 22 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। तत्कालीन पटवारी जैन बाफना रेसिडेंसी दशहरा मैदान उज्जैन में रहते हैं।
ये है मामला.
जिला रतलाम के फरियादी रामसिंह सिसौदिया मिनावदा तहसील ताल ने 22 जनवरी 2018 को लोकायुक्त एसपी कार्यालय में आवेदन दिया था। इसमें बताया था कि पिता के नाम से रोहलखुर्द तहसील नागदा में 30 बीघा जमीन है। पिता का निधन 2006 में हो चुका है। जमीन का बंटवारा कराया जाना था। इसके लिए पटवारी शैलेंद्र जैन ने रामसिंह से 33 हजार रुपए की मांग की थी। किसान की शिकायत की जांच वाइस रिकॉर्डर के माध्यम से करने पर तत्कालीन पटवारी द्वारा रिश्वत की बात सही पाई गई थी। इसके बाद लोकायुक्त के तत्कालीन निरीक्षक अंतिम पंवार ने दबिश देकर 24 जनवरी 2018 को पटवारी को निजी कार्यालय राजस्व कॉलोनी महिदपुर रोड नागदा में 11 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। रिश्वती नोट आरोपी की टेबल की दराज से जब्त हुई थी। आरोपी का हाथ घोल में धुलाये जाने पर गुलाबी हो गए थे।
विशेष लोक अभियोजक मनोजकुमार पाठक व एडीपीओ मुकेश कुन्हारे ने बताया कि इस मामले में अभियोग पत्र 14 मार्च 2019 को प्रस्तुत किया था। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी पटवारी को भैरवगढ़ जेल भेज दिया गया है।
Published on:
30 Oct 2022 03:08 pm
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