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किसान ने क्यों दी कीटनाशक पीने की धमकी

बैंक के पास कैश नहीं, उपार्जन की राशि लेने पहुंचे किसान लौट रहे मायूस

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नागदा

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Lalit Saxena

Apr 20, 2018

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नागदा. बैंकों में कैश की किल्लत अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। रिजर्व बैंक से पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिलने से शहर के अधिकांश एटीएम खाली हो गए है। वहीं अब बैंकों से भी ग्राहकों को अपना जमा पैसा नहीं मिल पाने से नोटबंदी जैसे हालत बन रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत उन किसानों को हो रही है, जिनकी उपार्जन एवं भावांतर की राशि बैंक खातों में आ तो चुकी है। लेकिन बैंकों के पास कैश नहीं होने से किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कैश की किल्लत को लेकर पत्रिका ने गुरुवार को जिला सहकारी बैंक पहुंचकर किसानों की समस्या जानने का प्रयास किया तो किसान भयावह नजर आए। यहां सैकड़ों की संख्या में किसान समर्थन मूल्य में बेची उपज एवं भावातंर योजना की राशि को निकालने के लिए बैंकतो पहुंचे थे, लेकिन बैंकों के पास पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण किसानों को अपना ही पैसा ही नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर किसानों और बैंक कर्मचारियों में विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है।
घंटों लाइन में खड़े फिर भी नहीं मिला पैसा
मोतीलाल के समक्ष ही अन्य किसान भी उपार्जन के रुपयों का आहरण करने पहुंचे थे। जिन्हें भी खाली हाथ निराश होकर बैंक से लौटना पड़ा। जिसमें कचरुलाल निवासी राजगढ़, शिवा गुर्जर, मांगूसिंह गुर्जर निवासी किलोडिय़ा, जीवनसिंह गुर्जर निवासी मोकड़ी समेत सैकड़ों की संख्या में किसानों को निराशा ही हाथ लगी।
दो दिन बाद बेटी की शादी, कैसे करें तैयारी
गांव भगतपुरी निवासी मोतीलाल भेरूलाल को समझ नहीं आ रही है, कि वह करें तो क्या करें। दो दिन बाद २२ अप्रैल को बेटी की शादी है, शादी की तैयारी के लिए उसने समर्थन मूल्य पर उपज को बेचा था। ताकि जो पैसा मिलेगा उससे वह अपनी बेटी की शादी करेगा लेकिन गुरुवार को जब जिला सहकारी बैंक में ९३ हजार रुपए निकालने के लिए आहरण किया तो बैंक कर्मचारी ने कैश नहीं होने का हवाला देते हुए पैसे देने से इंकार कर दिया। मोती लाल ने बेटी की शादी की मजबूरी भी बताई, लेकिन बैंक कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। यहां तक की किसान ने पैसे नहीं देने पर कीटनाशक पीकर जान देने की धमदी दी। लेकिन इसका भी कोई खास असर बैंक प्रबंधन पर दिखाई नहीं दिया। और बैंलेस नहीं होने की मजबूरी बताकर किसानों को खाली हाथ लौटा दिया।
मुख्यालय स्तर से रुपयों की खेप नहीं पहुंच पाने के कारण किसानों को रुपए देने में परेशानी आ रही है। संभावना है कि अगले एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। वर्तमान में बैंक ५० से ६० लाख रुपए प्रतिदिन भुगतान कर रही है।
महेंद्रकुमार जाटवा, प्रबंधक, जिला सहकारी बैंक, शाखा नागदा