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ड्राइवर की बॉडी के 150 टुकड़े करने वाले डॉक्टर को उम्रकैद, जानें पूरा सनसनीखेज मामला

शव के टुकड़े-टुकड़े कर ड्रम में भरे एसिड में डाल दिए थे...साल 2019 में हुआ था सनसनीखेज हत्याकांड

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नर्मदापुरम. नर्मदापुरम में करीब 4 साल पहले हुए सनसनीखेज वीरू उर्फ वीरेन्द्र पचौरी हत्याकांड में आरोपी डॉक्टर सुनील मंत्री को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही हत्यारे डॉक्टर पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। बता दें कि डॉ. सुनील मंत्री ने अपने ही ड्राइवर वीरेन्द्र पचौरी की बड़ी ही बेरहमी से हत्या की थी और उसके शव के 150 टुकड़े कर दिए थे।

एसिड में लाश के टुकड़े गला रहा था डॉक्टर
घटना 5 फरवरी 2019 की थी जब इटारसी के सरकारी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद पर पदस्थ आरोपी डॉक्टर सुनील मंत्री ने अपने आनंद नगर स्थित सरकारी बंगले में ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था जिसके बारे में सुनकर लोगों की रूह कांप गई थी। डॉक्टर सुनील मंत्री ने अपने ही ड्राइवर वीरू उर्फ वीरेन्द्र पचौरी को पहले तो बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया था और फिर अपने चिकित्सा के उपकरणों के जरिए उसका गला रेंतकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसने घर में दो ड्रमों में एसिड भरकर भी रखा था जिसमें वो वीरेन्द्र की लाश के छोटे-छोटे टुकड़े कर गलने के लिए डाल रहा था।

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ऐसे हुआ था खुलासा
खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद 6 फरवरी को आरोपी डॉक्टर सुनील मंत्री ड्यूटी पर चला गया था। इसी बीच घर से बदबू आने के कारण आसपड़ोस के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची थी और घर का दरवाजा खोला था तो अंदर का नजारा देख पुलिसवालों के पैरों के नीचे से भी जमीन खिसक चुकी थी। फर्श खून से रंगा हुआ था और ड्रमों में लाश के टुकड़े डले हुए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर सुनील मंत्री को गिरफ्तार किया था।

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अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग की बात आई थी सामने
इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह अवैध संबंध सामने आए थे। डॉक्टर सुनील मंत्री की पत्नी की मौत के बाद उनके संबंध वीरेन्द्र पचौरी की पत्नी के साथ बन गए थे। उसने वीरेन्द्र की पत्नी को अपने बंगले पर ही घरेलू कामकाज एवं साड़ी सेंटर चलाने के लिए नौकरी पर रख लिया था और बताया जाता है कि इस बात की भनक वीरेन्द्र को लग गई थी जिसके कारण वो डॉक्टर सुनील मंत्री को ब्लैकमेल कर रहा था। वीरेन्द्र को सुनील मंत्री ने अपना ड्राइवर भी बना लिया था लेकिन इसके बाद भी वो ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने सुनील मंत्री को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां 4 साल तक चली सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने आरोपी डॉ. सुनील मंत्री को 302 आईपीसी में आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपए के जुर्माने एवं धारा 201 में तीन साल की सश्रम जेल की सजा एवं 5 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है।

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