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गजब की मेमोरी… तीन भाषाएं जानते हैं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के हाथी

हाथियों की चल रही ट्रेनिंग, कन्नड़ में प्रशिक्षित हाथी सीख रहे हिंदी कमांड  

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कन्नड़ में प्रशिक्षित हाथी सीख रहे हिंदी कमांड

जितेंद्र वर्मा, नर्मदापुरम. कृष्णा मलमल, मलमल..., मतलब कृष्णा आगे बढ़ो। मारीशा उठ्ठी,..., मतलब मारीशा उठो। कन्नड़ भाषा के ये संवाद आजकल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अंजनाढाना में महावत और हाथियों के बीच सुनाई दे रहे हैं। खास बात ये है कि ये हाथी केवल कन्नड़ ही नहीं बल्कि तीन भाषाएं जानते—समझते हैं. इनकी मेमोरी बहुत तेज है और यही वजह है कि हाथी जल्द ही हिंदी समझने लगे हैं.

दरअसल यहां कर्नाटक से चार हाथी लाए गए हैं. हाथी कृष्णा, गजा, पूजा, मारीशा वहीं पले-बढ़े हैं। उनको प्रशिक्षित भी वहीं की भाषा में किया गया है। ऐसे में कर्नाटक से आए 7 महावत और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के महावत मिलकर हाथियों को हिंदी में भी प्रशिक्षित (कमांड सिखाना) करने में जुटे हैं। इतना ही नहीं, ये हाथी अंग्रेजी के शब्द भी समझते हैं.

वैसे हाथियों को महावत अपनी एड़ियों के इशारों से चलाते हैं और उठने, बैठने, आगे बढ़नेे और खाने, पीने जैसे सामान्य कमांड के लिए अपनी क्षेत्रीय भाषा के शब्दों का प्रयोग करते हैं। जैसे मलमल यानी आगे बढ़ो, समबैठ यानी बैठ जाओ और उठ्ठी यानी उठो। गौरतलब है कि पूरे देश में आजकल महावत अपनी स्थानीय भाषा के साथ अंग्रेजी में भी कुछ शब्दों का प्रयोग कर हाथियों को प्रशिक्षित करते हैं। इससे दूसरी भाषा वाले प्रदेश में जाने पर खास दिक्कत नहीं आती।

हाथियों को प्रशिक्षित करने कनार्टक के महावत यहां कुछ दिन रहेंगे। ये महावत एसटीआर के महावतों को हाथियों के व्यवहार और रहन-सहन की जानकारी दे रहे हैं। हाथियों की सुबह 9 बजे से शाम 4.30 बजे तक ट्रेनिंग होती है। हाथी भी यहां के माहौल में ढल रहे हैं।

एसटीआर के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति के अनुसार हाथियों को शब्दों के जरिए ट्रेंड किया जाता है। ये शब्द सभी महावत उपयोग करते हैं। काफी शब्द पूरे देश में एक जैसे हैं। इसलिए दिक्कत नहीं आती। बाकी चीजें हाथी जल्द सीख जाते हैं।

इस संबंध में वन विहार के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर सुदेश वाघमरे बताते हैं कि अंग्रेजी में एक कहावत है...द वुमन एंड एलीफेंट्स नेवर फॉरगेट एन एंजुरी। अर्थात औरत और हाथी गाली देने पर कभी नहीं भूलते। हाथियों की मेमोरी काफी अच्छी होती है वे तुरंत सीख जाते हैं।