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खतरे में तवा नदी के आसपास के गांवः बाढ़ से बचाव के उपाय करेंगे जर्मनी के वैज्ञानिक

तवा नदी की जद में आ रहे गांवों को बचाने की कवायद, 19 जुलाई को नर्मदापुरम का दौरा करेगी विशेषज्ञों की टीम

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मध्यप्रदेश की तवा नदी से आसपास के गांव खतरे में हैं। इसकी बाढ़ के कारण नदी के दोनों छोर पर कटाव बढ़ने लगा है। ऐसा ही चलता रहा तो आसपास के कई गांव इस नदी में समा जाएंगे। यहां तक की नर्मदा और तवा नदी के बीच स्थित टापू पर बने बांद्राभान गांव भी नदी में समा सकता है। इसे बचाना बेहद जरूरी है।

धीरे-धीरे तवा नदी में समा रहे आसपास के गांवों को बचाने के लिए जर्मनी के वैज्ञानिकों की मदद ली जा रही है। मुम्बई सरकार के विशेषज्ञ सलाहकारों के साथ मिलकर वैज्ञानिक तवा नदी का निरीक्षण करेंगे। जिस तरह ताइवान में नदी से टूटते तटबंधों को रोका गया है, उसी तरह तवा नदी के कटाव को बंद करने का प्रयास किया जाएगा। 19 जुलाई को वैज्ञानिकों का दल नर्मदापुरम पहुंच जाएगा।

जानकारी के मुताबिक तवा नदी की जद में गांव पाहनबर्री, मरोड़ा से बांद्रभान तक कई गांव खतरे में आ गए हैं। नदी और गांव के बीच तटबंध नहीं बचे हैं। इसलिए फैलती तवा नदी में बारिश में जब बाढ़ आती है तो गांवों को काफी नुकसान पहुंचता है। गांवों को सुरक्षित करने के लिए जल सांसाधन विभाग विश्व में नदियों पर काम करने वाली जर्मनी की एशिया पैसेफिक कंपनी के वैज्ञानिक एमडी ग्राहम थामसन, केरन, भारतीय मूल के संजीव जोशी और मुम्बई प्रशासन के सलाहकार संजीव व्यास, करण व्यास को बुला रहा है। यह टीम नर्मदापुरम आकर गांव पाहनबर्र्री सहित तवा किनारे के गांवों का भ्रमण करेगी। विभाग के मुताबिक बांध से निकलने के बाद नदी के तटबंद लगातार कम होते गए हैं। इससे नदी इन गांवों के पास लगभग 400 मीटर चौड़ी हो गई है।

समुद्री लहरों को रोकने अपनाते हैं कई तकनीक

मुम्बई में सम्रुद की उफनती लहरों को शहर तक आने से रोकने के लिए कई तकनीक और तरीके अपनाए जाते हैं। मुम्बई प्रशासन के विशेष सलाहकार भी इस पर अपनी राय देंगे।

ताइवान में शहरों को बाढ़ से बचाया

जर्मनी की एशिया पैसोफिक कंपनी ताइवान में नदियों के बढ़ते कटावों को रोकने काम कर रही है। बताया जाता है कि वैज्ञानिकों ने नदी को फैलने से रोक दिया है। इससे ताइवान के कई शहर बाढ़ से सुरक्षित हो गए हैं। यह कंपनी दुनिया के कई देशों में नदियों के तटबंध को बचाने के लिए काम करती है।

तटबंध तैयार करने की योजना बनाई जाएगी

जर्मनी की एशिया पैसेफिक कंपनी के वैज्ञानिकों के साथ मुम्बई प्रशासन के विशेष सलाहकार 19 जुलाई को नर्मदापुरम आएंगे। सभी को तवा नदी की जद में आ रहे ग्रामों का निरीक्षण कराएंगे। इसके बाद कंपनी जिस तरह ताइवान में नदी के काटावों को बंद कर रही है, उसी तरह तवा के तटबंध को तैयार करने की योजना बनाई जाएगी।
वीरेन्द्र कुमार जैन, एसई, तवा, जल संसाधन विभाग, नर्मदापुरम