
MANAREGA नये नाम से शुरूआत... मंत्री ने बताया कैसी होगी जी राम जी योजना (photo: patrika)
Ji Ram Ji Yojana: हर गरीब को निश्चित गारंटी से रोजगार मिले और उसकी गरिमा का पूरा सम्मान हो। गरीब जनजातीय वर्ग और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले इसके लिए जी राम जी योजना का नया ढांचा तैयार किया गया है। यह पूरी योजना महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है। नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे। मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने निजी रिजॉर्ट में आयोजित पत्रकार वार्ता नई योजना के बारे में बताया।
जी राम जी योजना के अंतर्गत हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के काम की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले, अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन का और अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा उन्हें कुल मिलाकर 150 दिन का रोजगार दिया जाएगा। रोजगार गारंटी की योजना है।
इसमें पूरी पारदर्शिता रखी गई है। जहां पहले मजदूरों को नगद भुगतान किया जाता था। जिसमें भ्रष्टाचार की व्यापक संभावना रहती थी। सब आशंकाओं को खत्म करते हुए इस योजना में मजदूरों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान उनके बैंक खातों में कैशलेस किया जाएगा।
फेस आईडी मशीन से मजदूरों की अटेंडेंस ली जाएगी और गारंटी से 125 दिनों तक उन्हें रोजगार मिलेगा। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड रुपए खर्च हूए हैं। जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवंनर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा, नगर पालिका नर्मदापुरम की अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव सहित अन्य लोग मौजूद थे।
मंत्री राव ने इस दौरान कहा कि 2005 में मनरेगा योजना शुरू हुई थी। अब इतने वर्षों पश्चात भारत का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 25.7% से घटकर 2023 -24 में 4.86 प्रतिशत रह गई है। साथ ही कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है और आजीविका में विविधता आई है।
पुराना ओपन ऐडेड मॉडल आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से बिल्कुल मेल नहीं खाता है। 2005 में हमारी जरूरतें अलग थीं। अब हमारी जरूरत अलग हैं। विकास की संभावना कभी खत्म नहीं होती है। लोगों को रोजगार मिले इसकी चिंता की है। अभी मात्र 5 प्रतिशत गांव में ही रोजगार की आवश्यकता पड़ेगी। इसी को ध्यान में रखकर जी राम जी योजना बनाई है।
जी राम जी बिल(Ji Ram Ji Yojana) में प्रावधान किया है कि बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बुवाई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। जैसे ही बुवाई और कटाई खत्म होगी वैसे ही फिर जी राम जी योजना में कार्य शुरू हो जाएगा।
नए बिल (Ji Ram Ji Yojana) एवं योजना में हर हफ्ते मजदूरों को पेमेंट किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि एक परिवार पर सभी योजनाएं थीं।
Published on:
13 Jan 2026 04:16 pm

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