
motivational speaker manisha anand
पहले के समय में युवाओं के पास मैथ्स और बायो में ही कॅरियर के ऑप्शन होते थे। दरअसल उस समय अन्य विषयों के क्षेत्र में कॅरियर बनाने की जानकारी कम ही लोगों को होती थी। लेकिन आज कॅरियर के ऑप्शन की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि युवा अपने टैलेंट को पहचानें और उसके अनुसार ही कॅरियर का चयन करें। उक्त बात रसूलिया में चर्चा के दौरान मोटीवेशनल स्पीकर मनीषा आनंद ने कही। उन्होंने कॅरियर को लेकर चिंतित युवाओं के बारे में चर्चा करने के साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान के सुझाव भी दिए।
आजकल बच्चे अपने कॅरियर को लेकर तनाव लेते हैं, उन्हें क्या करना चाहिए?
मनीषा आनंद : आज के समय में बच्चों को अपने कॅरियर के प्रति गंभीर होना चाहिए, लेकिन इसके लिए तनाव लेने की जरूरत नहीं हैं। दरअसल आज के समय में कॅरियर के इतने ऑप्शन है कि हम अपने पसंद के क्षेत्र में कॅरियर बना सकते हैं।
10वीं के बाद बच्चों को कौन सा विषय लेना चाहिए?
मनीषा आनंद : पहले के समय में बच्चों के पास सिर्फ गणित या बायो में कॅरियर बनाने की बात कही जाती थी लेकिन आज कॉमर्स हो या आर्ट्स सभी विषयों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए बच्चे को अपनी सामर्थ्य के हिसाब से विषय लेना चाहिए।
युवाओं को रोजगार के लिए किस चीज की जरूरत है?
मनीषा आनंद : रोजगार के लिए युवाओं को सबसे पहले सेल्फ एनालिसिस की जरूरत है। जब तक हम अपने आप को नहीं पहचानेंगे तब तक हमें क्या करना है यह पता ही नहीं चलेगा। इसलिए पहले अपनी क्वालिटी की लिस्ट बनाएं।
क्वालिटी के साथ और क्या जरूरी है?
मनीषा आनंद : बच्चों को क्वालिटी के साथ अपनी कमजोरी भी पता होना चाहिए। जब हमें अपनी कमजोरी पता होगी तो हम कभी भी ऐसा विषय का कॅरियर नहीं चुनेंगे, जहां हमें असफलता मिले। ऐसा करने से हमारे सफल होने के चांस और बढ़ जाएंगे
यदि बच्चों को कॅरियर को लेकर कोई परेशानी आए तो क्या करें?
मनीषा आनंद : पहले की सभी बातों को क्लीयर करने के बाद बच्चों को अपने माता-पिता से चर्चा करनी चाहिए। हो सके तो इसमें अपने टीचर और दोस्तों की भी मदद लें। सीनियर स्टूडेंट तो संबंधित फील्ड में हैं उनसे भी चर्चा करना बेहतर साबित हो सकता है।
Updated on:
11 Sept 2023 04:46 pm
Published on:
11 Sept 2023 04:37 pm
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