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कद्दावर नेताओं की सिवनी मालवा में जातियों पर होता है वोटों का बंटवारा

नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा विधानसभा सीट प्रदेश के दो कद्दावर नेताओं हजारीलाल रघुवंशी और सरताजसिंह के लिए पहचानी जाती है। यहां परंपरागत रूप से भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होता आया है।

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सिवनी मालवा विधानसभा सीट

नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा विधानसभा सीट प्रदेश के दो कद्दावर नेताओं हजारीलाल रघुवंशी और सरताजसिंह के लिए पहचानी जाती है। यहां परंपरागत रूप से भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होता आया है। कांग्रेस में हजारीलाल रघुवंशी और उनके परिवार को टिकट मिलता रहा, जबकि भाजपा ने पिछले चुनाव में यहां से 1990 में जीते प्रेमशंकर वर्मा को टिकट दिया और जीत हासिल की। बीच में दो बार भाजपा की ओर से सरताज सिंह यहां से विधायक रहे।

पिछले पांच दशक में अब तक हुए 10 विधानसभा चुनाव में इस सीट से 6 बार कांग्रेस तो 4 बार भाजपा को जीत मिली है। हजारीलाल रघुवंशी सात बार चुनाव लड़े। पांच बार जीते। उनके बेटे ओम रघुवंशी तीन बार चुनाव लड़े, एक बार जीते। पिछले तीन विधानसभा चुनाव से यह सीट भाजपा के पास है।
क्षेत्र में बड़ी यूनिट की दरकार : सिवनीमालवा विधानसभा क्षेत्र में रोजगार से जुड़ी किसी बड़ी यूनिट का अब भी दरकार है। यहां एशिया के सबसे बड़े सोयाबीन प्लांट की स्थापना की गई थी, जो कि लंबे समय तक संचालित नहीं हो सका और वर्तमान में यह बंद है। जिस कारण यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरी जगहों पर निर्भर हैं।

कम अंतर से होती है हार-जीत:
सिवनीमालवा विधानसभा चुनाव में यहां हर बार दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के मध्य टक्कर रही। 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में हजारीलाल रघुवंशी कांग्रेस से 12471 मतों से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। सभी विधानसभा चुनाव में लगभग इसी अंतर से हार जीत का फैसला होता आया है।

विधानसभा उपाध्यक्ष रहते हारे थे हजारीलाल रघुवंशी
2008 के चुनाव में तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष व कांग्रेस प्रत्याशी हजारीलाल रघुवंशी को भाजपा के सरताज सिंह ने 7845 मतों से चुनाव हराया। इसके बाद 2013 में भाजपा के सरताज सिंह ने दोबारा हजारीलाल रघुवंशी को 12547 मतों से हराया। 2018 में बीजेपी के प्रेमशंकर वर्मा ने कांग्रेस के ओमप्रकाश रघुवंशी को 11,604 मतों से हराया था।

इस सीट ने प्रदेश को दिए दो कद्दावर नेता
इस विधानसभा सीट ने प्रदेश को हजारी लाल रघुवंशी और सरताज सिंह के रूप में दो कद्दावर नेता दिए। दोनों कांग्रेस और भाजपा सरकार में मंत्री भी रहे। सरताज सिंह शिवराज सिंह सरकार में वन मंत्री और पीडब्लूडी मंत्री रहे। हालांकि 2018 में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी, और कांग्रेस में शामिल हुए। अक्टूबर 2023 में उनका निधन हो गया। हजारीलाल रघुवंशी गृह, राजस्व, लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। अप्रैल 2020 में उनका निधन हो गया।

सीट पर सामाजिक समीकरण
इस सीट पर लोधा- लोवंशी और कुर्मी समाज की संख्या लगभग बराबर मानी जा रही है। दोनों ही समाज पर पार्टियों की नजर बनी है। जिसके बाद तीसरी बड़ी समाज रघुवंशी है। इनके अलावा आदिवासी और मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य समाज के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

पांच दशक में अभी तक रहे विधायक
वर्ष 1977 हजारीलाल रघुवंशी कांग्रेस
वर्ष 1980 हजारीलाल रघुवंशी कांग्रेस
वर्ष 1985 ओम रघुवंशी कांग्रेस
वर्ष 1990 प्रेम शंकर वर्मा भाजपा
वर्ष 1993 हजारीलाल रघुवंशी कांग्रेस
वर्ष 1998 हजारीलाल रघुवंशी कांग्रेस
वर्ष 2003 हजारीलाल रघुवंशी कांग्रेस
वर्ष 2008 सरताज सिंह भाजपा
वर्ष 2013 सरताज सिंह भाजपा
वर्ष 2018 प्रेम शंकर वर्मा भाजपा

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