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टाइगर रिजर्व में करीब से दिखेंगे बाघ, नाइट सफारी भी होगी

बागरा बफर पर्यटन क्षेत्र में मचान से देख सकेंगे वन्यप्राणी, नाइट सफारी के लिए भी है खास तैयारी....।

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नर्मदापुरम। जिले के टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। सफारी के दौरान पर्यटक अब बाघ का दीदार करीब से कर पाएंगे। इसके लिए दो मचान बनाए गए हैं, साथ ही सुबह, शाम और रात की सफाई की भी व्यवस्था की गई है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम की स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक शुक्रवार को हुई। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कमिश्नर मालङ्क्षसह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि बागरा बफर पर्यटन क्षेत्र में दो मचान बनाए गए हैं। इससे पर्यटक वन्यप्राणियों को देख सकेंगे। इसके अलावा मल्लूपुरा बफर पर्यटन क्षेत्र में सुबह, शाम और रात में सफारी होगी।

बैठक के दौरान समिति के सचिव प्रधान अपर मुख्य वन संरक्षक पदेन फील्ड डायरेक्टर सतपुड़ा नेशनल पार्क एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि इको सेंसेटिव जोन के मास्टर प्लान की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। अनुमोदन के बाद नए निर्माण कार्य की अनुमति प्रदान की जाएगी।

मढ़ई के आसपास नए निर्माण कार्य को रोकने एसडीएम सोहागपुर व सहायक संचालक सोहागपुर को निर्देशित किया है। बफर के सफर में नए स्थानों को विकसित किया जाएगा। जिसमें स्थानीय लोगों को कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षण देकर रोजगार मुहैया कराएंगे। बागरा बफर पर्यटन क्षेत्र में मचान से वन्य प्राणी दर्शन के लिए दो मचान का निर्माण पूर्ण किया गया है। बोरी अभ्यारण की सीमा के अंतर्गत मल्लूपुरा बफर जोन में पर्यटकों के लिए सुबह व शाम को वाहन सफारी तथा रात्रि वाहन सफारी की सुविधा प्रारंभ की गई है। बैठक में कलेक्टर नर्मदापुरम, विधायक नर्मदापुरम, विधायक सोहागपुर, विधायक पिपरिया, विधायक घोड़ाडोंगरी, जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष, उपसंचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, अन्य समिति के सदस्य व संबंधित शासकीय सेवक उपस्थित रहे।

बगीरा एप से जिप्सी की निगरानी

मढ़ई में पर्यटन सुविधा केंद्र एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर स्थापित करने पर चर्चा की गई। मढ़ई में 20 जिप्सी वाहनों पर बगीरा ऐप चालू कर वाहनों की गतिविधियों पर नियंत्रण किया जाएगा। संबंधित टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति, टाइगर रिजर्व की वाहन क्षमता, मढ़ई एवं पचमढ़ी क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण व कचरा प्रबंधन पर चर्चा की गई।