
नर्मदा-तवा को कर दे रहे छलनी, बना लिए रास्ते, बांद्राभान सड़क पर बिखरी है रेत
नर्मदापुरम. संभाग के हरदा में बीते दिवस आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से दहाड़ते हुए अफसरों से कहा था माफियाओ को नेस्ताबूद करो। चाहे वह रेत के अवैध उत्खनन से जुड़े नेता ही क्यों न हो...लेकिन देखिए शिवराजजी नर्मदापुरम में खुलेआम और बैखोप रेत का अवैध उत्खनन और चोरी जारी है। कुछ तो करो सरकार...। मुख्यमंत्री की हिदायत के बाद और आला अफसरों के एक्शन की जब पत्रिका ने गुरुवार को पड़ताल की तो नर्मदापुरम जिला-संभागीय मुख्यालय पर ही नर्मदा-तवा के तट और बंद चल रही खदानों इसके आसपास रेत का अवैध उत्खनन होते हुए पाया। अवैध कारोबारियों ने मालाखेड़ी तिराहे से लेकर सांगाखेड़ा पुल, गोंदरी घाट, नर्मदा-तवा संगम स्थल बांद्राभान क्षेत्र में टै्रक्टर-ट्रॉलियों से अवैध उत्खनन-परिवहन के लिए मुख्य सड़क से आधा दर्जन कच्चे पहुंच मार्ग बना लिए हैं। इतना ही नहीं सीमेंटेड पाइप डालकर पानी के बीच पुलियानुमा रास्ता भी बना डाला है। सड़क के किनारे कई जगह रेत के बड़े-बड़े ढेर भी स्टॉक कर रखे हैं। सबसे ज्यादा रेत की चोरी सर्किट हाउस के सामने एवं कलेक्ट्रेट-पुराने कमिश्नर भवन के सामने के पल्लेपार तट पर हो रही है। यहां बीच नर्मदा की धार को तोड़ और रोककर बनाए गए रेतीले रास्ते भी नर्मदापुरम-सीहोर के अधिकारी नहीं तोड़ पाए। यहां गुरुवार को भी टै्रक्टर मशीन से नर्मदा की छाती को छलनी करते हुए टै्रक्टर-ट्रॉलियों से रेत की खुलेआम चोरी हो रही थी। इस मामले में दोनों जिले के अधिकारी सीमा का बहाने कर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं है। पढि़ए लाइव रिपोर्ट।....
सर्किट हाउस पल्लेपार तट
यहां नर्मदा की धार को तोड़कर-बांधकर रेतीले रास्ते बना लिए। टै्रक्टर मशीन से यहां पानी के अंदर से रेत उलीची जाकर छोटी नावों में भरकर ढोई जा रही थी। करीब दो दर्जन लोग साफ दिखाई दे रहे । टै्रक्टर-ट्रॉली से भी रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा था। नर्मदापुरम की वोट में पुलिस-होमगार्ड के जवान भी गश्त कर रहे थे, लेकिन उनकी हिम्मत भी पकडऩे की नहीं हो सकी। नर्मदा का आधा पाट ही सूख गया है। पानी की धार भी बदल गई ।
सांगाखेड़ा पुल तट क्षेत्र
तट पर मुख्य पुल सड़क और उसके आजू-बाजू से कच्चे रास्ते बना लिए। इन पर टै्रक्टर-ट्रॉली के पहियों के निशान-लाइन दिखाई दे रही थी। टै्रक्टर-ट्रॉलियों को नीचे उतारा जाता है। यहां से आधे-एक किलो मीटर अंदर तवा नदी के तट व पानी में से उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था। रेत उलीचने की टै्रक्टर मशीन चल रही थी। अवैध स्टॉक भी ढेरों के रूप में दिखाई दिए। एक टै्रक्टर मशीन भनक लगते ही डंगरबाड़ी के पास बनी टपरिया की आड़ में जाकर छिप गई थी।
तवा-नर्मदा संगम तट बांद्राभान
संगम तट को पर्यटन केंद्र एवं व्यू पाइंट की योजना बनाई थी, लेकिन रेत माफिया से लील रहे। तट किनारे रेत के बड़े-बड़े ढेर स्टॉक किए हुए दिखाई दिए। दोनों तरफ कच्चे रास्ते बना लिए हैं। टै्रक्टर-ट्रॉलियों से रेत की चोरी, अवैध परिवहन चल रहा था। संगम तट पर भारी कटाव व मुख्य स्वागत गेट तक गहरी खाई आ चुकी है।
गोंदरी घाट आसपास तट
गोंदरी घाट आसपास भी हरी नेट की आड़ कर सड़क किनारे ही खेत-मैदान में रेत का भारी मात्रा में अवैध रूप से स्टॉक किया हुआ है। बाजू से कच्चा रास्ता है। तवा तट के अंदर रेत का उत्खनन और टै्रक्टर-ट्रॉलियों से परिवहन जारी था।......
नर्मदापुरम साइड के तट क्षेत्र
नर्मदापुरम साइड तट क्षेत्र में भी टै्रक्टर-ट्रॉलियों से रेत की चोरी जारी थी। कारोबारियों ने बाकायदा सीमेंट के बड़े पाइप डालकर नदी की धार पर ही पुलिया नुमा रास्ता भी बना लिया। रेत भरकर ढोई जा रही थी।
पूरे रास्ते में रेत बिखर रही
मालाखेड़ी तिराहे से लेकर सांगाखेड़ा पुल तक के कई किमी मुख्य मार्ग पर टै्रक्टर-ट्रालियों से गिराई हुई रेत बिखरी पड़ी थी। दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही। वाहन स्लीप होकर गिर रहे। मालाखेड़ी-रायपुर के ग्रामीण कई बार इसकी शिकायतें कर चुके हैं।
मालाखेड़ी तिराहा पुलिस चौकी
तिराहे पर पुलिस की चौकी है। यहां डायल-100 का पाइंट भी है। नर्मदापुरम शहर में आने यहीं से वाहनों को निकलना पड़ता है, लेकिन यहां पुलिस कर्मियों को रेत टै्रक्टर-ट्रॉलियां दिखाई नहीं देती।
इनका कहना है...
जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने के लिए निरंतर छापामार कार्रवाइयां जारी है। पिछले दिनों बांद्राभान से एक लोडर को पकड़कर इसके चालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। बांद्राभान-सांगाखेड़ा पुल क्षेत्र में टीम को फिर से भेजकर कार्रवाईयां की जाएंगी।
-दिवेश मरकाम, जिला खनिज अधिकारी नर्मदापुरम
Published on:
20 Apr 2023 10:05 pm
बड़ी खबरें
View Allनर्मदापुरम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
