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women’s day special: महिला कमांडो के हाथों में बड़ी जिम्मेदारी, करंसी पेपर कारखाने की ऐसे हुई सुरक्षा

नर्मदापुरम करंसी पेपर मिल की सुरक्षा व्यवस्था महिलाओं के हाथों में....।

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नर्मदापुरम। देश की अति महत्वपूर्ण कंरसी पेपर बनाने वाले प्रतिभूति कागज कारखाना (एसपीएम) की सुरक्षा की जिम्मदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की महिला कमांडों संभाल रही हैं। अत्याधुनिक हाथियारों से लैस ये महिला कमांडों किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम हैं। फिर चाहे कोई अपराधी हो या आतंकवादी।

करंसी पेपर कारखाना भारत सरकार का अति संवेदनशील संस्थान है। इसकी सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के पास महिला कमांडों का घातक दस्ता भी है। इन दिनों कारखाने की सुरक्षा इसी दस्ते की 16 महिला कमांडों संभाल रही हैं। कारखाने के मुख्य गेट पर एके 47 इंसास, एमएमजी और एलएमजी जैसे हथियारों से लैस कमांडों दस्ता 24 घंटे तैनात रहता है। कारखाने के अंदर आने-जाने वाले वाहनों को इसी दस्ते के सामने से गुजरना पड़ता है। अगर कोई संदिग्ध दिखे तो ये महिला कमांडों तुरंत एक्शन लेकर कार्रवाई करती हैं।

बगैर हथियारों के लड़ना जानती हैं

एसपीएम की सुरक्षा में लगी यह कमांडों बगैर हथियारों के भी दुश्मन के छक्के छुड़ा देने में सक्षम हैं। इनकी ट्रेनिंग में कमांडों को बगैर हथियार के हथियारबंद दुश्मन से किस तरह लड़ना है, इसका विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे यह घातक दस्ता महत्वपूर्ण संस्थानों, महिला अति विशिष्ठ जनों की सुरक्षा में तैनात किया जाता है ।

कारखाने की सुरक्षा में महिला कमांडो का दस्ता हमेशा तैनात रहता है। यह बेहद घातक कमांडो हैं। हर प्रकार के आत्याधुनिक हथियारों के अलवा यह दस्ता बगैर हथियार के भी दुश्मन से लड़ सकता है।

-वीके दुबे, कमांडेंट सीआइएसएफ नर्मदापुरम