
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकरलाल दुबे की स्मृति में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकरलाल दुबे की स्मृति में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकरलाल दुबे की स्मृति में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा
नरसिंहपुर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष पर शासकीय पीजी महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकरलाल दुबे की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि सम्मान के साथ जीने वाले इस अंचल के लोगों से मिलकर एक अलग एहसास की प्राप्ति होती है। स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन की लड़ाई में लोगों की वैचारिक शून्यता को समाप्त करने के लिए तत्कालीन समय में शंकरलाल दुबे को चुना गया था। गांधी के इस अनुयायी ने उनके कहने पर वकालत छोड़कर, झंडा सत्याग्रह को दिशा प्रदान की। वर्तमान समय में गांधी के सत्य, अहिंसा, सेवा, स्वावलम्बन के विचार आज भी जीवित हैं। जियो और जीने दो, विविधता में एकता हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है। इन विचारों को जनमानस में प्रसारित करने की आवश्यकता है। भारतीय राजनीति को परिपक्वता प्रदान करने में इन विचारों का महत्वपूर्ण योगदान है। एक दूसरे के प्रति सम्मान, त्याग की भावना रखकर वैमनस्यता को त्यागकर अच्छा इंसान बनना ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं शंकरलाल दुबे को सच्ची श्रद्धांजलि है। गौरतलब है कि भारतीय डाक विभाग मध्यप्रदेश परिमंडल द्वारा 2 अक्टूबर को शंकरलाल दुबे के सम्मान में विशेष आवरण जारी किया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा जिले की इस माटी ने वीर सपूतों को जन्म दिया है। प्रजापति ने 1919 में बने पीस मेमोरियल का जिक्र करते हुए कहा कि मुक्त आकाश मंच बनाकर इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।
स्वागत भाषण देते हुए संरक्षक विनय शंकर दुबे ने कहा वर्तमान पीढ़ी को मार्गदर्शन देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने युवा पीढ़ी से कहा कि गांधी जी के विचारों को अपनाकर सफल एवं बेहतर इंसान बनें।
पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर ने कहा कि गांधी के बताये मार्ग पर चलकर हम देश को विकास की दिशा में अग्रणी कर सकते हैं। त्याग, समर्पण का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गांधी की प्रासंगिकता इस बात से ही पता चलती है कि उनके जन्मदिवस पर संयुक्त राष्ट्र ने 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। पूर्व सांसद नीखरा ने कहा कि दूसरों को आगे कर स्वयं पीछे रहकर शक्ति प्रदान कराने के गुण शंकरलाल दुबे से उनके पुत्र विनय शंकर दुबे में आये हैं। राज्यसभा सदस्य सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दुबे ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश और समाज के लिये समर्पित कर दिया। सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने कहा अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाने वाले इस शख्स ने नरसिंहपुर जिले की माटी का नाम सदैव के लिये अमर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश पाठक ने किया। इस अवसर पर शंकरलाल दुबे से जुड़ी स्मृतियों, छायाचित्रों, पत्रों को संकलित कर एक पुस्तिका का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। नर्मदा संगीत भारती एवं कलापथक दल द्वारा भजन गायन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुनील जायसवाल, सौरभ शंकर दुबे चौ. चंद्रशेखर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष संदीप पटेल, देवेन्द्र पटैल, कलेक्टर दीपक सक्सेना, अपर कलेक्टर मनोज कुमार ठाकुर, सांसद राव उदय प्रताप सिंह विधायक संजय शर्मा, विधायक सुनीता पटैल सहित विशिष्ट जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
Published on:
16 Nov 2019 08:24 pm
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