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6 फिल्टर प्लांट रोकेंगे नदी में गंदगी, रिवर फ्रंट से बढ़ेगा सौंदर्य शहर से लगी पंचायतों के क्षेत्र में नदी को सहेजने कार्य

शहर से लगी ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में सींगरी नदी को न केवल नवजीवन देने बल्कि उसके तटबंध सुरक्षित करते हुए नदी में आने वाली गंदगी को रोकने युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है। नदी के तटीय क्षेत्र को रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है ताकि आमजन को नदी का सौंदर्य आकर्षित करे और बल्कि वह नदी की स्वच्छता और पवित्रता के लिए जागरूक, जिम्मेदार बनें।

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शहर से लगी ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में सींगरी नदी को न केवल नवजीवन देने बल्कि उसके तटबंध सुरक्षित करते हुए नदी में आने वाली गंदगी को रोकने युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है। नदी के तटीय क्षेत्र को रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है ताकि आमजन को नदी का सौंदर्य आकर्षित करे और बल्कि वह नदी की स्वच्छता और पवित्रता के लिए जागरूक, जिम्मेदार बनें।

तटीय क्षेत्र में बना फिल्टर प्लांट। निरीक्षण करते हुए अधिकारी।

revitalize the Singri River नरसिंहपुर. शहर से लगी ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में सींगरी नदी को न केवल नवजीवन देने बल्कि उसके तटबंध सुरक्षित करते हुए नदी में आने वाली गंदगी को रोकने युद्धस्तर पर कार्य हो रहा है। नदी के तटीय क्षेत्र को रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है ताकि आमजन को नदी का सौंदर्य आकर्षित करे और बल्कि वह नदी की स्वच्छता और पवित्रता के लिए जागरूक, जिम्मेदार बनें।
नगर से लगी ग्राम पंचायत रौंसरा, मगरधा, नकटुआ और खमतरा क्षेत्र में 6 मिनी फिल्टर प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। जिससे आबादी क्षेत्रों से निकलने वाले नालों के माध्यम से नदी में पहुंचने वाले कचरे, प्लास्टिक, गाद और अन्य ठोस अपशिष्ट को रोककर पानी को शुद्ध करते हुए नदी में पहुंचाया जाए। जिससे सींगरी का जल स्वच्छ बना रहे और नदी का प्राकृतिक स्वरूप संरक्षित हो सके।


बिना बिजली के काम करेंगे फिल्टर प्लांट
कार्य से जुड़े बेंगलुरु के इंजी. मयंक झारिया के अनुसार तैयार किए जा रहे फिल्टर प्लांट बिना बिजली के संचालित होंगे। ये क्रांकीट संरचना वाले चैंबर वाले प्लांट हैं। जिन्हें ग्राम पंचायत क्षेत्रों की नालियों से जोड़ा जाएगा। नालियों से बहकर आने वाला कचरा, पॉलीथिन, कीचड़ और अन्य ठोस अपशिष्ट इन जालियों में रुक जाएगा, जबकि अपेक्षाकृत स्वच्छ पानी आगे बढकऱ नदी में पहुंचेगा। ग्राम पंचायतों द्वारा समय-समय पर इन जालियों की सफाई कर एकत्रित कचरे का उठाव किया जाएगा।
तीन चरणों में होगा पानी का प्राकृतिक शोधन
मगरधा और रौंसरा ग्राम पंचायतों के बीच तैयार हो रहे लघु फिल्टर प्लांट तीन चरणों में पानी का शोधन करेंगे। पहले चरण में सेटलमेंट टैंक में बड़े ग्रेवल्स लगाए गए हैं, जहां प्लास्टिक, गाद और अन्य बड़े अवशिष्ट रुक जाएंगे। दूसरे चरण में छोटे ग्रेवल्स सूक्ष्म ठोस कणों को रोकेंगे। तीसरे चरण में चारकोल आधारित फिल्टर लगाया गया है, जो हानिकारक सूक्ष्म जीवों और जैविक अशुद्धियों को कम करने में सहायक होगा। इसके बाद पानी नदी में प्रवाहित किया जाएगा।

पाथवे, घाट और सुरक्षा संरचनाएं विकसित
जिला पंचायत के अनुसार यह कार्य सिंगरौली जिले की कंचन नदी के सफल मॉडल से प्रेरित है। इसी तर्ज पर सींगरी नदी के तटों पर पाथवे, घाट और सुरक्षा संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। रिवर फ्रंट से लोगों को सुबह-शाम स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। तटों पर पत्थर पिचिंग के साथ पक्के घाट भी बनाए जा रहे हैं। मगरधा में भविष्य में ओपन थिएटर विकसित करने विचार है।

फैक्ट फाइल
6 मिनी फिल्टर प्लांट किए जा रहे तैयार
4 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में चल रहा कार्य
3 चरणों में होगा पानी का प्राकृतिक शोधन
3 प्रमुख तट क्षेत्रों में बन रहे पाथवे और घाट
1 भी फिल्टर प्लांट को बिजली की आवश्यकता नहीं

वर्जन
हमारी कोशिश है कि बारिश शुरू होने से पहले रौंसरा, मगरधा और नकटुआ क्षेत्र में तटबंधों पर पिचिंग का कार्य पूरा हो जाए। कार्यो की लगातार निगरानी हो रही है। रिवर फ्रंट का ध्येय लोगों को नदी की स्वच्छता और उसके संरक्षण के लिए जिम्मेदार बनाना है, हमारी योजना है कि नदी क्षेत्र में पौधरोपण भी कराया जाएगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इस कार्य की शुरूआत की गई है।
गजेंद्र नागेश, सीईओ जिला पंचायत नरसिंहपुर

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