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चौथी बार हुआ प्यार…तीसरा पति बन रहा था अड़चन, नरसिंहपुर में अंधे कत्ल का खुलासा

Love Affair Crime: पुल के पास मिले शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर की थी हत्या।
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narsinghpur murder

Love Affair wife plotted third husband murder with lover, पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सरोज, उसका प्रेमी महेन्द्र मेहरा और साथी विष्णु (source-patrika)

Narsinghpur Love Affair Crime: मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में 30 जून को हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने चौंका देने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतक की पत्नी भी शामिल है और इस पूरी वारदात की मास्टरमाइंड है। हैरानी की बात ये है कि मृतक महिला का तीसरा पति था और अब चौथे से शादी करने के लिए उसने तीसरे पति की हत्या की साजिश रची और प्रेमी व उसके साथी के जरिए पति की हत्या करवाई।

30 जून को पुल के पास मिला था शव

बीते दिनों 30 जून को नरसिंहपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में बारूरेवा नदी के पुल के पास झाड़ियों में एक व्यक्ति का शव मिला था। जांच के दौरान मृतक की पहचान तुलसीराम मेहरा (40) निवासी बहोरीपार, जिला-नरसिंहपुर के तौर पर हुई। तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि तुलसीराम ने करीब एक साल पहले सरोज नाम की महिला से शादी की थी। सरोज की ये तीसरी शादी थी और शादी के बाद से ही सरोज व तुलसीराम के बीच विवाद होने लगे थे। तुलसीराम पत्नी सरोज के चरित्र पर संदेह करता था।

चौथी बार हुआ प्यार…तीसरा पति बन रहा था अड़चन

घटना की जांच के दौरान पुलिस को ये भी जानकारी मिली कि मृतक की पत्नी सरोज के महेन्द्र मेहरा निवासी पुरगवां के साथ प्रेम संबंध थे। इसी शक के आधार पर जब मृतक की पत्नी सरोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वो टूट गई। सरोज ने बताया कि तुलसीराम को उसके व महेन्द्र के प्रेम प्रसंग के बारे में पता चल गया था, इसलिए वो विवाद करने लगा था। वो महेन्द्र से शादी करना चाहती थी लेकिन पति अड़चन बना हुआ था, इसलिए प्रेमी महेन्द्र के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।

शराब पीने के बहाने बुलाया और मार डाला

पुलिस ने आरोपी महेन्द्र व उसके साथी विष्णु रजक को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घटना वाले दिन विष्णु शराब पिलाने के बहाने तुलसीराम को बारूरेवा नदी के पुल के पास लेकर गया। वहां बाद में महेन्द्र मेहरा भी आ गया और फिर दोनों ने रस्सी से तुलसीराम का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी शव को झाड़ियों में फेंककर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए वारदात का पर्दाफाश कर दिया है।