जबकि शासन के सख्त निर्देश हैं कि किसी भी छात्र छात्राओं से अध्ययन के अलावा दूसरा कोई कार्य नहीं कराया जाए। कई स्कूल ऐसे भी है जहांं पर बच्चों के बर्तन धोने के लिए अलग कर्मचारी रखा गया है लेकिन कुछ स्कूल इन नियमों का पालन नहीं कर रहे। उसके बावजूद भी ग्राम बारछी की स्वासहायता समूह से चलने वाला मध्यान्ह भोजन कराने के बाद मासूम बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाए जा रहे हैं। जब पत्रिका ने खाना बनाने वाली महिलाओं से इस बारे में बात की तो सभी का दो टूट जबाब रहा हम क्या करें, समूह अध्यक्ष ही बर्तन धुलवा रही हैं। कई माह से ये बच्चे जूठे बर्तन धो रहे हैं। पहले कभी एक महिला बर्तन धोने के लिए लगाई गई थी। लेकिन उसे भी कई माह हो गए हटा दिया गया है। इसके बाद अब बच्चे स्वयं अपने बर्तन धो रहे हैं। ऐसा बकाया जिले के कई स्कूलों में हो चुका है।