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संसद में पास हुआ कृषि संशोधन विधेयक, देश भर में विरोध प्रदर्शन

-नरसिंहपुर में यूथ कांग्रेस की अगुवाई में जोरदार प्रदर्शन

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कृषि नीति में परिवर्तन का विरोध

कृषि नीति में परिवर्तन का विरोध

नरसिंहपुर. भारी हंगामे के बीच संसद ने भले ही कृषि संशोधन विधेयक पर अपनी मुहर लगा दी हो, पर इसा विरोध पूरे देश में शुरू हो गया है। कांग्रेस की अगुवाई में किसान समूह जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें मध्य प्रदेश भी पीछे नहीं है। यहां भी कांग्रेस कार्यकर्ता जगह-जगह सड़कों पर उतरे और किसानों के साथ मिल कर जोरदार प्रदर्शन किया। वो कृषि संशोधन कानून को काला कानून बता रहे थे।

युकां प्रदेश महासचिव मोना कौरव की अगुवाई में कौंड़िया से गाडरवारा तक ट्रेक्टर रैली निकाली गई। यह दीगर है कि प्रशासन ने पहले डमरुघाटी फिर बायपास और गाडरवारा के प्रवेश द्वार पर वाहनों को रोक दिया। इससे नाराज कौरव सहित अन्य किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर ही जमीन पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे प्रशासन और प्रदर्शकारियों में बहस होती रही। उसके बाद अधिकारियों ने वाहनों के प्रवेश को मंजूरी दी लेकिन तहसील पहुंचने के पहले ही पलोटनगंज चौराहे पर ज्ञापन ले लिया।

यूथ कांग्रेस ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इस ज्ञापन में संसद में पारित नए कृषि विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए वापस लेने मांग की गई है। साथ ही आपदा व रोग से प्रभावित फसलों का जल्दी मुआवजा देने कहा गया है।

बता दें कि सोमवार की दोपहर ग्राम कौड़िया से युकां प्रदेश महासचिव मोना कौरव की अगुवाई में ट्रैक्टर रैली शुरू हुई। रैली में आधा सैकड़ा से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां शामिल रहीं। गाडरवारा प्रशासन को जैसे ही रैली आने की जानकारी मिली तो पहले से चौकस अधिकारियों ने डमरुघाटी व बायीपास पर रुकवा दिया। जिस पर प्रदेश महासचिव कौरव व किसानों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें ज्ञापन देने तहसील जाना है और उन्हें रोका जाना अन्याय है। विरोध बढ़ता देख अधिकारियों ने वाहनों को आगे जाने की इजाजत दे दी लेकिन शांतिदूत तिराहा आते ही फिर वाहनों को रुकवा दिया। इससे उत्तेजित कौरव व अन्य यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता तथा किसानों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम राजेश शाह सहित अन्य अधिकारियों ने सभी को समझाने की कोशिश की लेकिन जब बात नहीं बनी तो फिर वाहन आगे बढ़े और फिर पलोटनगंज पर वाहन रोक दिए गए। यहीं पर युकां व किसानों की ओर से एसडीएम को ज्ञापन दिया गया।

राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में यह कहा गया कि नया कानून किसान हित में नहीं है। प्रश्नकाल पर रोक लगाकर अचानक किसानों पर कानून थोपा गया है। बिना तर्क के कोई भी विधेयक कैसे पास किया जा सकता है। आरोप लगाया गया कि कृषि उत्पादों में जीएसटी लागू कर दी गई है, अब सरकार किसानों को खत्म करने का कानून ला रही है। किसानों को उद्योगपतियों का गुलाम बनाना चाह रही है।

रैली निकालने व ज्ञापन सौंपने वालों में किसान राव विक्रम सिंह, रामकुमार कौरव, भानुप्रताप कौरव, भरत कौरव, राव राजेश, दीपक ढिमोले, राव सुधीर सिंह, रमाकांत गुर्जर, विमल पटैल, राजेश अतरौलिया, मनोज नायक, विजय नायक, उमेश कौरव, भूपेंद्र कौरव, चौ. कुलदीप, लेखराम पटैल, सूरज पटैल, भीकम प्रजापति सहित युवा कांग्रेस से रामगोपाल गुर्जर, मनीष कौरव,राव सुनील, दीपक ढिमोले, नीरज कौरव, आयुष चौकसे, राहुल ठाकुर, गौरव अग्रवाल, राजदीप दुबे, गणेश सिंह, आयुष अग्रवाल, राहुल कौरव, अनंत कौरव, महेंद्र कौरव, शिवप्रसाद कौरव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।