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मूलभूत सुविधाओं को तरसता तेंदूखेड़ा का सार्वजनिक मुक्तिधाम

मूलभूत सुविधाओं को तरसता तेंदूखेड़ा का सार्वजनिक मुक्तिधाम

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Public  ground of Tendukheda craving basic amenities

Public ground of Tendukheda craving basic amenities

मूलभूत सुविधाओं को तरसता तेंदूखेड़ा का सार्वजनिक मुक्तिधाम
सडक़,बिजली,पानी,सफ ाई एवं बाउंड्री का भी यहां अखरता है अभाव

नरङ्क्षसहपुर/तेंदूखेड़ा -जिले के तेंदूखेड़ा तहसील मुख्यालय जो ना केवल तेंदूखेड़ा का वरन आसपास के दर्जनों ग्रामों का भी प्रतिनिधित्व करता है। गौरतलब है तेंदूखेड़ा विगत दो दशकों पूर्व से तहसील बन चुका है। परंतु यहां स्थित मुक्तिधाम विकास की धारा से अछूता है। ज्ञात हो कि शासन प्रशासन के माध्यम से वर्तमान में छोटे.छोटे ग्रामों में भी सुंदर एवं व्यवस्थित मुक्तिधाम बनवाये जा रहे है, वहीं तेंदूखेड़ा स्थित सार्वजनिक मुक्तिधाम विकास की गाथा को अपना मुंह चिढ़ाता नजर आता है। यहां पर ना तो पहुंच मार्ग हैं ना ही पीने योग्य पानी, सफ ाई की चर्चा करना ही बेमानी होगा। इतने वृहद स्तर के मुक्तिधाम को मामूली तार बाउंड्री से घेरा तो गया। परंतु कुछ विघ्न संतोषीयो के द्वारा उसे भी तोड़ दिया गया है। बाकी की कसर अतिक्रमणकारियों ने पूरी कर दी। जो आये दिन अतिक्रमण के रूप में अपने पैर पसारते जा रहे हैं। और नगर परिषद आंख बंद करके अपनी मौन स्वीकृति भी देती जा रही है। बरहाल पत्राचार के माध्यम से पूर्व में भी यहां की मूलभूत सुविधाएं जैसे कि शुद्ध पेयजल के लिए नल कनेक्शन, बाउंड्री वॉल, पेवर ब्लॉक, वृक्षारोपण, बैठने के लिए अच्छी व्यवस्थाए संपूर्ण परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक चौकीदार हेतु नगर परिषद समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। परंतु इस तरफ किसी का भी ध्यान ना देना कहीं ना कहीं आमआदमियों के हितों पर कुठाराघात करने जैसा ही है।
शव दाह हेतु नहीं है जलाऊ लकडिय़ों की व्यवस्था . तेंदूखेड़ा वनांचल क्षेत्र होने के बाद भी यहां पर शव दाह हेतू जलाऊ लकडिय़ों की व्यवस्था ना होने से तेंदूखेड़ा वासियों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को भी आए दिन जरूरतमंद लोगों के साथ तू तू मैं मैं करके विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।जिससे वन विभाग से बार-बार पत्राचार के माध्यम से मांग की जा रही है कि यहां शासकीय या प्राइवेट जलाऊ लकडिय़ों का डिपो शीघ्र अतिशीघ्र खोला जाए। जिससे सुगमता से नागरिकों को जलाऊ लकड़ी या उपलब्ध हो सकें।
मुक्तिधाम पहुंच मार्ग है पथरीला लगभग दो दशक पूर्व तहसील का दर्जा प्राप्त कर चुका तेंदूखेड़ा कुछ मामलों में अभी भी बहुत पीछे है तेंदूखेड़ा के सार्वजनिक मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग आज दिनांक तक पथरीला और नुकीली गिट्टी से युक्त है जिस पर पैदल चलना भी दूभर है और अचरज वाली बात तो यह है कि यहां पर आदिम जाति कल्याण विभाग के द्वारा एक छात्रावास का भी निर्माण किया गया है साथ ही जल आवर्धन योजना का मुख्य प्लांट भी लगाया गया है उसके बाद भी महज 200 मीटर की सडक़ का न बन पाना कहीं ना कहीं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का परिणाम है। नगर के सभी वर्गों ने एक स्वर में आवाज उठाते हुए मांग की है कि एनएच 12 से मुक्ति धाम तक पक्की सडक़ बनाई जाए। मुक्तिधाम को चारों तरफ से बाउंड्री वाल से घेरा जाए एवं इसके अंदर पीने योग्य पानी और सफ ाई की समुचित व्यवस्था की जाए शव दाह के लिए जलाऊ लकड़ीयां भी उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाए। यह सारी व्यवस्थाएं यथा शीघ्र की जाए।जिससे आम नागरिकों एवं शोकाकुल परिवारों को होने वाली परेशानियों से निजात मिल सके।