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सरपंच-सचिव ने किया लाखों का गबन, होगी एफआईआर

ग्राम पंचायत नौन पिपरिया में विभिन्न योजनाओं में आई राशि का बैंक से कर लिया आहरण, नहीं दे रहे हिसाब

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Sarpanch-Secretary made millions of embezzlement, FIR will be

Sarpanch-Secretary made millions of embezzlement, FIR will be

गोटेगांव। ग्राम पंचायत नौन पिपरिया में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मिली सरकारी राशि में जांच के दौरान गबन का मामला सामने आने पर एसडीएम व जनपद पंचायत के प्रभारी सीईओ जीसी डहेरिया ने खंड पंचायत अधिकारी को पुलिस थाना ठेमी में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत अधिकारी को पंचायत अधिनियम के तहत वित्तीय अनियमितताएं सामने आने पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पहुंचाया गया है।
एसडीएम जीसी डहेरिया ने बताया कि ग्राम पंचायत नौन पिपरिया में भ्रष्टाचार के संबंध में कई दिनों से शिकायत चल रही थी इसकी जांच करने में कोई कदम नहीं उठा रहा था। शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन करने के बाद जांच में सामने आया कि सरपंच मीनाबाई मेहरा और सचिव विनोद दुबे ने अपने कार्यकाल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से ३१४६८९२ रुपए का आहरण किया। मगर इस राशि को कहां पर खर्च किया गया इसका रिकार्ड जांच के दौरान मांगा गया मगर कोई भी हिसाब सचिव विनोद दुबे ने प्रस्तुत नहीं किया। इस पूरी राशि को मिल कर डकार ली गई।
उन्होंने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला के पुराने भवन को ग्राम पंचायत नौन पिपरिया ने ७०५०० रुपए में नीलाम किया था। इस राशि का पंचायत स्तर पर कोई हिसाब नहीं है। उस राशि को हड़प लिया गया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्र बनाने के लिए पंचायत को जो राशि प्राप्त हुई थी वह पूरी निकाल ली गई। मगर भवन का अता पता नहीं है। इसी प्रकार सामुदायिक भवन के नाम से चार पिलर करके छत डाल दिया गया और उसको सामुदायिक भवन बना कर राशि को हड़प कर ली गई। इस तरह सचिव विनोद दुबे ने अपने कार्यकाल में बैंक से ३१ लाख ४६ हजार ८९२ रुपए निकाले हैं जिसका कोई हिसाब किताब पंचायत के पास नहीं है। जांच टीम को मांगने पर भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
सूत्रों से पता चला है कि ग्राम पंचायत नौन पिपरिया में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद पुलिस में एफआईआर नहीं हो सके इसलिए लिए राजनीतिक लोगों के माध्यम से दबाव डालने की बात भी सामने आई है।