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तहसील के गांव गांव में आवारा मवेशियों का आतंक

मवेशियों से किसान, राहगीर सब परेशान

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cow on road

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गाडरवारा। नगर समेत पूरी तहसील क्षेत्र के गांव गांव में आवारा मवेशियों का आतंक चरम पर दिख रहा है। सैकड़ों की तादाद में मवेशी सड़कों पर डेरा जमाए देखे जा सकते हैं। वहीं भवनों, कार्यालयों के परिसरों में भी मवेशियों की फौज बरसात होने पर घुस जाती है, जहां जमकर फैलाई गई गंदगी कार्यालय के स्टाफ एवं अन्य लोगों को मुसीबत साबित होती है। गाडरवारा शहर के चप्पे चप्पे में आवारा मवेशियों की फौज डेरा डाले देखी जा सकती है। बीते दिनों नपा की हांका गैग गठित होने की जानकारी मिली थी। लेकिन कहीं भी उक्त गैंग के दर्शन नहीं हुए साथ ही जहां तहां कब्जा जमाए मवेशियों के झुंड हाका गैंग के निष्क्रिय होने का की गवाही देते नजर आ रहे हैं। रेलवे स्टेशन रोड से लेकर, पलोटनगंज चौराहा, अस्पताल रोड, नई गल्लामंडी, पानी की टंकी के पास से लेकर पुल के पास समेत पूरे शहर के प्रमुख स्थानों, मुहल्ले कॉलोनियों में आवारा मवेशियों के झुंड बीच सड़क पर बैठे देखे जा सकते हैं। स्थानीय टेलीफोन एक्सचेंज के पास तो जमाड़ा रोड पर आवारा मवेशियों का स्थाई कब्जा हो गया लगता है। क्योंकि बीच सड़क पर दर्जनों मवेशी बैठे रहने से लोगों को कॉलोनी के अंदर जाने में बेहद परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा परेशान बाईक व दोपहिया वाहन चालक होते हैं। ऐसे ही नजारे नगर के दूसरे स्थानों की गलियों में बने हैं।
सांईखेड़ा में मवेशियों से परेशानी
दादा धूनीवाले क ी नगरी सांईखेड़ा के बीचों बीच से स्टेट हाइवे 44 गुजरा है। इस रोड पर बरसात के चलते मवेशियों के बैठने से वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना ग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। खासतौर पर रात के समय आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को दूर से मवेशी दिखाई नहीं देते। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। मवेशियों के आतंक के हाल यह हैं कि इन्होंने नगर परिषद को भी नहीं छोड़ा है। नगर परिषद के सामने भी दर्जनों आवारा मवेशियों के झुंड परिषद की उदासीनता बयान करते दिख रहे हैं।
ग्रामीण किसान परेशान
नगर एवं कस्बों के लोग ही नहीं किसान भी आवारा मवेशियों के आंतक से बुरी तरह से परेशान हैं। बानगी के लिए समीपी हीरापुर गांव के कृषक इस समस्या से बेहद परेशान बताए जा रहे हैं। गाडरवारा तेंदूखेड़ा रोड पर मवेशियों को न बिकने पर उनके मालिक छोड़ जाते हैं। वहीं तेंदूखेड़ा, गाडरवारा आदि की ओर से भी अनेकों मवेशी यहां आ जाते हैं। जो ककराघाट पुल के आसपास के गांव गांव में भोजन की तलाश में किसान की मेहनत की फसलों में नुकसान कर रहे हैं। अनेक किसानों ने बताया कि गन्ना, सोयाबीन सहित अनेक फसलों में मवेशी मुंह मार कर चर जाते हैं। वहीं इनके पैरों से रौंदकर भी फसल नष्ट हो रही है। अन्नदाता किसान ने किसी प्रकार प्रतिकूल परिस्थितियों में बोवनी कर अच्छे उत्पादन की उम्मीद पाले है। जिस पर मवेशी पानी फेरते दिख रहे हैं।
जंगली सुअरों की भी परेशानी
इसके अलावा किसानों की फसलों में जंगली ***** एवं हिरणों के झुंड भी जमकर कहर ढा रहे हैं। अनेक क्षेत्रीय कृषकों ने बताया कि गन्ने में इनके आतंक से बेहद नुकसान हो रहा है। पहले ही अन्नदाता बरसात न होने से परेशान है। उस पर मवेशी बची खुची कसर निकाल रहे हैं।