
causes of corruption of india in hindi
नरसिंहपुर। गोटेगांव क्षेत्र में रानी अवंति बाई सागर परियोजना पूर्व ठेकेदारों के किए गए अधूरे कार्य को अन्य ठेकेदारों से पूरा करा रहे हैं। इन नहरों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसके कारण नहरों की माटी के कटाव को रोकने के लिए जो टाइल्स लगाई जा रही हंै वह नहर चालू होने के पूर्व ही उखडऩे लगी हैं। जब नहर चालू होगी उस समय इन टाइल्स का पता तक नहीं चलेगा। जैसी स्थिति पूर्व समय में नहरों के निर्माण के कारण उत्पन्न हुई है उससे सबक लेते हुए वर्तमान समय में निर्मित होने वाली नहरों में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है और गुणवत्ता के साथ नहरों में टाइल्स नहीं लगाए जा रहे हैं।
गोटेगांव-जबलपुर सड़क मार्ग पर सिलारी गांव से करेली वितरण केन्द्र के बाजू से दूसरी नहर का निर्माण कार्य कराया गया है, जिसका पानी नर्मदा नदी के झांसीघाट तट तक नाले के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इस नहर के निर्माण के बाद टाइल्स लगाई गई हंै जो जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं। वहीं टाइल्स लगाने वाले स्थलो पर दरारें आ गई हैं। जब इस नहर में पानी प्रवाहित होगा तब ऐसे स्थलों की टाइल्स उखड़ कर अलग हो जाएंगी जिस तरह पूर्व समय में निर्मित नहरों की स्थिति हो गई है। इस नहर की वैसी ही स्थिति हो जाएगी। गांव के लोगों का कहना है कि रानी अवंती बाई सागर परियोजना के अधिकारियों की अनदेखी के कारण घटिया निर्माण कार्य नहरो का किया गया है। जब कार्य चल रहा था, उस वक्त कोई भी अधिकारी मौके पर आकर अवलोकन नहीं करता था। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से निर्माण कार्य करते रहे, जिसके कारण नहर चालू होने के पूर्व ही ऐसी हालत हो गई है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त नहरों की समय रहते मरम्मत कराए ताकि किसानों को लाभ मिल सके।
Published on:
14 Apr 2018 07:38 am
बड़ी खबरें
View Allनरसिंहपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
