
pm modi amit shah
Mumbai Terror Attack: मुंबई आतंकवादी हमलों की आज 16वीं बरसी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत तमाम दिग्गजों ने इस हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, आतंकवाद समूची मानव सभ्यता के लिए कलंक है। आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरे विश्व ने सराहा है और आज भारत आतंक विरोधी पहलों में विश्व में अग्रणी बना है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, साल 2008 में आज ही के दिन मुंबई में कायर आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों की हत्या कर मानवता को शर्मसार किया था। 26/11 के मुंबई हमलों में आतंकियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और अपना जीवन गंवाने वाले लोगों को नमन करता हूं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, 26/11 मुंबई आतंकी हमले में असमय काल कवलित हुए नागरिकों एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले मां भारती के वीर सपूतों को कोटि-कोटि नमन। आपका अदम्य साहस और बलिदान हम सभी को राष्ट्र की सेवा और सुरक्षा के प्रति सदा प्रेरित करता रहेगा।
कांग्रेस ने भी इस अवसर पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम 26/11 के भीषण मुंबई आतंकी हमले के सभी शहीदों और पीड़ितों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिसने 2008 में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। हम हमेशा दुश्मनों के सामने मजबूती से खड़े रहे हैं और हम अपने देश पर निर्देशित सभी प्रकार के आतंक और खतरों से लड़ने की प्रतिज्ञा करते हैं।
बता दें, 26/11 के हमले ने मुंबई को उस वक्त हिलाकर रख दिया था, जब पाकिस्तान के आतंकवादियों ने मुंबई के प्रमुख स्थानों जैसे ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, सीएसटी रेलवे स्टेशन और नरीमन हाउस पर हमला किया था। इस हमले में 166 निर्दोष लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। भारतीय सुरक्षाबलों और पुलिस ने अपनी जान की बाजी लगाकर हमलावरों को मार गिराया था। इसमें से एक अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में सुरक्षाबल कामयाब रहे थे। जिसे लंबे ट्रायल के बाद 21 नवंबर 2012 में फांसी की सजा दी गई।
Updated on:
26 Nov 2024, 12:06 PM IST
Published on:
26 Nov 2024, 11:36 AM IST
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