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21% सांसद-विधायक वंशवादी, लोकसभा में 31% का दबदबा: चौंका देगी ADR की ये रिपोर्ट

ADR Report: 21 प्रतिशत मौजूदा सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों की पृष्ठभूमि वंशवादी है। लोकसभा में सबसे अधिक वंशवादी, एडीआर रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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ADR Report

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स रिपोर्ट - फोटो:आईएएनएस

ADR Report: भारतीय राजनीति में वंशवाद की गहरी पैठ को उजागर करती एक नई रिपोर्ट में, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) ने खुलासा किया है कि 5,204 सिटिंग सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों में से 21% (1,107) की वंशवादी पृष्ठभूमि है। लोकसभा में यह आंकड़ा सबसे अधिक 31% है, जो दर्शाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर वंशवादी प्रभाव सर्वाधिक है। राज्य विधानसभाओं में 20%, राज्यसभा में 21%, और विधान परिषदों में 22% प्रतिनिधि वंशवादी हैं। यह स्टडी भारतीय लोकतंत्र में परिवारवाद की संरचनात्मक प्रकृति पर सवाल उठाती है।

कांग्रेस में सबसे ज्यादा 32 प्रतिशत वंशवाद

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय दलों के 3,214 प्रतिनिधियों में 20% (657) वंशवादी हैं। कांग्रेस में यह अनुपात सबसे अधिक 32% है, इसके बाद भाजपा में 18% और सीपीआई(एम) में सबसे कम 8% है। क्षेत्रीय दलों में वंशवाद और गहरा है; एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और जेकेएनसी में 42%, वाईएसआरसीपी में 38%, और टीडीपी में 36% प्रतिनिधि वंशवादी हैं। तृणमूल कांग्रेस (10%) और एआईएडीएमके (4%) में यह अपेक्षाकृत कम है। असंगठित दलों और निर्दलीयों में भी 25% और 24% (94 में से 23) प्रतिनिधि वंशवादी हैं। कुछ छोटे दल पूरी तरह परिवार-चलित हैं, जो राजनीति में पारिवारिक वर्चस्व को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 141 वंशवादी नेता

राज्यवार विश्लेषण में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 141 वंशवादी प्रतिनिधि (604 में से 23%) हैं, इसके बाद महाराष्ट्र (129, 32%), बिहार (96, 27%), और कर्नाटक (94, 29%) हैं। अनुपात के आधार पर आंध्र प्रदेश शीर्ष पर है, जहां 255 में से 86 (34%) वंशवादी हैं, इसके बाद महाराष्ट्र (32%) और कर्नाटक (29%)। दक्षिणी राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में वंशवाद गहरा है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भिन्नता दिखती है—बिहार में 27%, लेकिन असम में केवल 9%। बड़े राज्यों जैसे तमिलनाडु (15%) और पश्चिम बंगाल (9%) में मजबूत पार्टी संगठन वंशवाद को कम करते हैं, जबकि छोटे राज्यों जैसे झारखंड (28%) और हिमाचल प्रदेश (27%) में यह अधिक है।

महिलाओं में दोगुना वंशवाद

लिंग आधारित आंकड़े सबसे चौंकाने वाले हैं। 4,665 पुरुष प्रतिनिधियों में 18% (856) वंशवादी हैं, जबकि 539 महिला प्रतिनिधियों में 47% (251) हैं—लगभग दोगुना। महाराष्ट्र में 69% महिलाएं (पुरुषों में 28%), आंध्र प्रदेश में 69% (29%), बिहार में 57% (22%), और तेलंगाना में 64% (21%) वंशवादी हैं। गोवा (3/3), पुदुच्चेरी (1/1), और दादरा-नागर हवेली व दमन-दीव (1/1) में सभी महिला प्रतिनिधि वंशवादी हैं। उत्तर प्रदेश में 69 में से 29 (42%), महाराष्ट्र में 39 में से 27 (69%), बिहार में 44 में से 25 (57%), और आंध्र प्रदेश में 29 में से 20 (69%) महिला प्रतिनिधि वंशवादी हैं। पश्चिम बंगाल में यह 28% (महिलाएं) और 5% (पुरुष) है, जो कम परिवार-केंद्रित राजनीति को दर्शाता है।

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