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थरूर-ओवैसी से लेकर राहुल-प्रियंका, सदन में कौन कितना एक्टिव? 165 सांसदों का बुरा हाल, LIST में बड़े-बड़े चेहरे

संसद में सांसदों की खामोशी चिंताजनक है। 25-30% सांसद जनता के मुद्दे उठाने मुंह तक नहीं खोलते। 18वीं लोकसभा के 6 सत्रों में 60-70% से ज्यादा सांसद कभी सक्रिय नहीं रहे।

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भारत

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Mukul Kumar

Jan 03, 2026

संसद में कौन कितना एक्टिव। (फोटो- ANI)

Lok Sabha Sessions देश की जनता सांसदों को चुनकर लोकसभा में अपनी आवाज पहुंचाने भेजती है, लेकिन संसद में हाल बुरे हैं। औसत 25 से 30 फीसदी सांसद जनता के मुद्दे उठाने मुंह तक नहीं खोलते।

दिलचस्प ये कि पहले सत्र को छोड़कर ऐसा एक भी सत्र नहीं जब 60-70 फीसदी से ज्यादा सांसदों ने सदन में सक्रियता दिखाई हो। मौजूदा 18वीं लोकसभा के बीते शीतकालीन सत्र में 542 में से केवल 377 ने डिबेट में हिस्सा लिया।

वहीं 165 खामोश ही रहे। इससे पहले जुलाई 2025 के मानसून सत्र में तो महज 251 सांसदों ने ही भागीदारी की थी। खास बात है कि 73.39 घंटे चले इस शीतकालीन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जगदंबिका पाल, सौगता राय और मनीष तिवारी को छोड़कर ऐसा कोई मंत्री-सांसद नहीं रहा, जो एक घंटे से ज्यादा बोला हो।

18वीं लोकसभा के कुल 367.51 घंटे चले 6 सत्रों में बमुश्किल पांच-सात नेता ही हैं, जिनके एक घंटे से ज्यादा बोलने का रिकॉर्ड है।

अहम चेहरों का भागीदारी समय- (18वीं लोकसभा के 6 सत्रों में)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : 5 घंटे 55 मिनट 50 सेकंड
  • गृहमंत्री अमित शाह : 3 घंटे 50 मिनट
  • कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी : 4 घंटे 14 मिनट 6 सेकंड
  • सपा सांसद अखिलेश यादव : 4 घंटे 48 मिनट
  • कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी : 1 घंटे 40 मिनट 32 सेकंड
  • एआइएमआइएम के असदुद्दीन औवेसी : 2 घंटे 40 मिनट 18 सेकंड
  • भाजपा सांसद मनोज तिवारी : 32 मिनट 23 सेकंड
  • सपा सांसद डिंपल यादव : 27 मिनट 52 सेकंड
  • भाजपा सांसद कंगना रानौत : 21 मिनट 50 सेकंड
  • कांग्रेस सांसद शशि थरूर : 2 मिनट 13 सेकंड
  • (स्त्रोत : लोकसभा डिजिटल संसद डाटा रिकॉर्ड।)

कब कितनी चर्चा- 17वीं लोकसभा में

सत्रसमयभागीदारीकुल समयभागीदारी प्रतिशत
पहला सत्र08:28:000.6428:56:0007.87
दूसरा सत्र3:34:000.2776:03:0020.67
तीसरा सत्र2:23:000.1838:02:3010.34
चौथा सत्ररिकॉर्ड नहींरिकॉर्ड नहीं123:09:5233.48
पांचवां सत्र7:11:000.5528:00:5907.62
छठां सत्र348:02:0026.4573:39:2620.02
कुल367:51:47
(368.98 घंटे लगभग)
आंकड़ें

(नोट-17वीं लोकसभा कुल 15 सत्र में 1315 घंटे 59 मिनट 49 सेकंड चली।)

यह अहम- रिकॉर्ड में क्या नहीं शामिल

सदन की सामान्य डिबेट शामिल है, लेकिन सदन में पेश दस्तावेज, अनुच्छेद-377 के मामले, पूरक प्रश्न पर मंत्री उत्तर, शोक संदेश-घोषणा के अलावा अन्य संदर्भ, अध्यक्ष के निर्णय-अवलोकन, राज्यसभा मंत्री भागीदारी, संसदीय कार्यमंत्री वक्तव व मंत्री-सदस्य हस्तक्षेप शामिल नहीं हैं।

सदस्यों को समय राज्य सीट संख्या, पार्टी सदस्य संख्या व निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से मिलता है। उप्र को ज्यादा सीट व भाजपा को सदस्य संख्या का फायदा मिलता है। पीएम-मंत्री का रिकॉर्ड अलग तरीके से रहता है। विलोपित को छोड़ जो रिकॉर्ड पर लिया जाता है वह विभिन्न नियमों के हिसाब से शामिल है।

ये हैं हाल : 18वीं लोकसभा के 542 सांसदों में कब कितने बोले

सत्रसदस्यों की संख्या (बोले)बोले (प्रतिशत में)
सत्र-153807.87
सत्र-233420.67
सत्र-319110.34
सत्र-442633.48
सत्र-525107.62
सत्र-637720.02

अब बात सवालों-हाजरी की

अनेक सांसदों ने सदन में भागीदारी के लिए उपस्थिति की रस्म-अदायगी जरूर पूरी की, लेकिन खामोश ही रहे। इसमें अनेक बड़े चेहरे भी हैं। 18वीं लोकसभा में पहले, दूसरे व तीसरे सत्र में 482-482 सदस्य आए, जबकि 60 गैरहाजिर रहे।

वहीं चौथे सत्र में 485 आए व 57 गैरहाजिर रहे। पांचवें में 484 आए और 58 गैरहाजिर रहे। वहीं बीते छठे सत्र में 486 हाजिर और 56 सांसद अनुपस्थित रहे।

18वीं लोकसभा में प्रमुख चेहरों के लिखित सवाल

सांसद का नामपूछे गए सवालों की संख्या
राहुल गांधी34
प्रियंका गांधी14
डिम्पल यादव08
असदुद्दीन ओवैसी87
शशि थरूर93
हेमा मालिनी23
रवि किशन183
शत्रुघ्न सिन्हा06
कंगना रनौत129
मनोज तिवारी182

संसद रिकॉर्ड में रजिस्टर पर हस्ताक्षर के आधार पर 15 दिन के बीते शीतकालीन सत्र में हेमा मालिनी एक भी दिन नहीं आई। प्रियंका गांधी एक दिन, अखिलेश यादव दस दिन, डिंपल यादव दो दिन, मनोज तिवारी एक दिन, असुद्दीन औवेसी व शशि थरूर तीन दिन, रविकिशन नौ दिन और शत्रुघन सिन्हा सात दिन गैरहाजिर रहे।