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खांसी की दवाई पर फिर उठे सवाल, देश की 50 से ज्यादा कंपनियों के कफ सिरप क्वॉलिटी टेस्ट में फेल

चिंताजनक: खांसी की दवाई पर एक बार फिर सवाल उठे है। देश की पचास से ज्यादा कंपनियों के कफ सिरप क्वॉलिटी टेस्ट में फेल हो गई।

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देश की 50 से ज्यादा दवा निर्माता कंपनियों के कफ सिरप क्वॉलिटी टेस्ट में फेल हो गए हैं। कई राज्यों में किए गए लैब परीक्षणों का हवाला देते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की रिपोर्ट में बताया गया कि अक्टूबर तक जारी 2,104 नमूनों की परीक्षण रिपोट्र्स में 54 कंपनियों की रिपोर्ट मानक गुणवत्ता (एनएसक्यू) वाली नहीं थीं। रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात की खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला ने 385, मुंबई की सेंट्रल ड्रग्स टेस्टिंग लेबोरेटरी (सीडीटीएल) ने 523, चंडीगढ़ की क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (आरडीटीएल) ने 284, जबकि गाजियाबाद के भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) ने 502 नमूनों का विश्लेषण किया।


डीसीजीआई ने मई में दिए थे जांच के निर्देश

इस साल मई में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने राज्य औषधि नियंत्रकों को कफ सिरप निर्माताओं के उन सैंपलों की जांच का निर्देश दिया था, जिनका एक्सपोर्ट होना था। डीजीसीआइ ने जांच प्राथमिकता से करने और रिपोर्ट जल्द जारी करने को कहा था। गौरतलब है कि हाल ही गुजरात के खेड़ा जिले में कथित तौर पर मिथाइल अल्कोहल युक्त आयुर्वेदिक सिरप का सेवन करने से पांच लोगों की मौत हो गई थी और दो लोग बीमार हो गए थे।

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पिछले साल हुई थी 89 बच्चों की मौत

पिछले साल अक्टूबर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आशंका जताई थी कि अफ्रीकी देश गांबिया में करीब 70 बच्चों की मौत का कारण भारतीय कंपनी का खांसी और सर्दी का सिरप हो सकता है। पिछले साल ही उज्बेकिस्तान में कफ सिरप पीने से 19 बच्चों की मौत हो गई थी। दावा किया गया था कि यह सिरप नोएडा की एक कंपनी ने बनाया था।

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जांच अनिवार्य

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) कफ सिरप निर्यातकों के लिए यह अनिवार्य कर चुका है कि वे एक्सपोर्ट करने से पहले अपने कफ सिरप की जांच सरकारी लैबोरेटरी में करवाएं और सर्टिफिकेट ऑफ एनालिसिस पेश करें।