30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

5G Spectrum: 96,000 करोड़ रुपए के 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू Jio-Airtel और Vi लगाएंगे दांव

5G Spectrum: केंद्र सरकार ने 5जी स्पेक्ट्रम का शॉपिंग मॉल सजा दिया है। देश की तीन बड़ी टेलीकॉम कंपनियों रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की नजर 5जी मोबाइल सर्विस के लिए इन महत्वपूर्ण रेडियो फ्रीक्वेंसी को हासिल करने पर है।

2 min read
Google source verification

5G Spectrum: केंद्र सरकार ने 5जी स्पेक्ट्रम का शॉपिंग मॉल सजा दिया है। देश की तीन बड़ी टेलीकॉम कंपनियों रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया की नजर 5जी मोबाइल सर्विस के लिए इन महत्वपूर्ण रेडियो फ्रीक्वेंसी को हासिल करने पर है। ये कंपनियां इस नीलामी में 5जी स्पेक्ट्रम के लिए मंगलवार से बोली लगाएंगी। सरकार लगभग 96,317 करोड़ रुपए के बेस प्राइज पर 8 आठ स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी करेगी। 800 मेगाहट्र्ज, 900 मेगाहट्र्ज, 1800 मेगाहट्र्ज, 2100 मेगाहट्र्ज, 2300 मेगाहट्र्ज, 2500 मेगाहट्र्ज, 3300 मेगाहट्र्ज और 26 गीगाहट्र्ज बैंड में उपलब्ध सभी स्पेक्ट्रम इस 10वीं नीलामी का हिस्सा हैं।

किसने कितना दिया बयाना

रिलायंस जियो ने स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए सबसे अधिक 3,000 करोड़ रुपए की बयाना राशि जमा की है। इस आधार पर कंपनी अधिकतम रेडियो तरंगों के लिए बोली लगा सकती है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट के अनुसार भारती एयरटेल ने 1,050 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया ने 300 करोड़ रुपए की बयाना राशि जमा की है। कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया अपने स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क को कम करने के लिए विशेष रूप से 26 गीगाहट्र्ज बैंड में रणनीतिक अधिग्रहण पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।

तैयारी: ओएनडीसी हर ट्रांजैक्शन पर लगा सकता है यूजर चार्ज

नई दिल्ली। ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से विकसित ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) चालू वित्त वर्ष 2024-25 में हर ट्रांजैक्शन पर यूजर चार्ड लगाना शुरू कर सकता है। हालांकि, शुल्क कितना लगाया जाएगा, इसको लेकर अभी कुछ निर्णय नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि यह शुल्क कम होगा और प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर लगाए जाने की संभावना है। शुल्क का भुगतान या तो विक्रेता या खरीदार या दोनों को करना पड़ सकता है। अभी कोई यूजर चार्ज नहीं होने और विक्रेताओं से लिए जाने वाले बेहद कम कमीशन की वजह से ओएनडीसी से खरीदारी अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉम्र्स के मुताबले सस्ती है। ओएनडीसी के सीईओ टी कोशी ने कहा, हम नेटवर्क की ग्रोथ का मूल्यांकन करेंगे और सही समय पर निर्णय लेंगे।

यह भी पढ़ें- Who is K Suresh: कौन हैं के सुरेश जिनकी वजह से लोकसभा अध्यक्ष के लिए पहली बार होने जा रहा है चुनाव?

यह भी पढ़ें- राजस्थान के ओम बिरला बन सकते हैं लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष, बनेगा ये रिकॉर्ड

Story Loader