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AAP के 20 दिग्गजों का इस्तीफा! राघव सहित 13 बड़े चेहरे BJP में शामिल, केजरीवाल अकेले पड़े

20 AAP Leaders Resign: आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर मची ऐतिहासिक हलचल और राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर पंजाब से दिल्ली तक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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Raghav Chadha Joins BJP 0

Raghav Chadha Joins BJP

Raghav Chadha Joins BJP: आम आदमी पार्टी (AAP) को 24 अप्रैल को भारी झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इस घटना के साथ ही AAP के अब तक कुल 20 बड़े नेताओं में से करीब 13 अब BJP में पहुंच चुके हैं, जिससे अरविंद केजरीवाल की पार्टी बुरी तरह से कमजोर हो गई है।

AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद BJP में शामिल

राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AAP के दो-तिहाई से ज्यादा राज्यसभा सांसद BJP के साथ विलय कर रहे हैं। उन्होंने AAP पर आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से पूरी तरह भटक चुकी है। चड्ढा ने कहा, जिस पार्टी को मैंने अपना खून-पसीना देकर बनाया और 15 साल जवानी दी वह अब देश या राष्ट्रीय हित में नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है।

राघव के साथ इन सांसद ने छोटी पार्टी

आज इस्तीफा देने वाले सात राज्यसभा सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल हैं। इनमें से राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने आज ही BJP मुख्यालय पहुंचकर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात की और औपचारिक रूप से BJP जॉइन कर ली। बाकी सदस्य भी जल्द BJP में शामिल होने वाले हैं।

आंतरिक कलह के चलते छोड़ा केजरीवाल का साथ

यह घटना AAP के लिए निरंतर चल रही आंतरिक कलह का नतीजा मानी जा रही है। पहले से ही कई दिग्गज नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें शाजिया इल्मी (2014 में BJP में शामिल), कपिल मिश्रा (2019 में BJP जॉइन), कैलाश गहलोत (हाल ही में), पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद, करतार सिंह तंवर, वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का आदि प्रमुख हैं। शाजिया इल्मी ने AAP पर ‘जेल-बेल’ राजनीति और आंतरिक लोकतंत्र की कमी का आरोप लगाया था।

कुमार विश्वास से अलका लांबा तक AAP की संस्थापक टीम

AAP के संस्थापक स्तर के कई नेता पहले ही अलग हो चुके हैं। योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को 2015 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने स्वराज अभियान शुरू किया। कुमार विश्वास भी लंबे समय से उपेक्षित रहे थे और पार्टी से दूर हो गए। मयंक गांधी, अलका लांबा (कांग्रेस में शामिल) और आदर्श शास्त्री जैसे नाम भी AAP की संस्थापक टीम से बाहर हो चुके हैं।

टूटने की कगार पर AAP

BJP नेताओं ने इस विकास पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि AAP अब टूटने की कगार पर है और केजरीवाल अकेले पड़ गए हैं। BJP का आरोप है कि AAP भ्रष्टाचार में डूब गई है और अपने मूल लक्ष्य भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से भटक गई है। दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पंजाब में भी AAP की यूनिट में बड़ा विभाजन हो सकता है, क्योंकि लोग भगवंत मान और केजरीवाल की सरकार से तंग आ चुके हैं।