24 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राघव चड्ढा और AAP छोड़ने वाले सांसदों पर अन्ना हजारे की पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

Anna Hazare on Arvind Kejriwal: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और 6 अन्य सांसदों द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में कहां जाना है और कहां रहना है, यह व्यक्तिगत पसंद और राय का मामला है।

2 min read
Google source verification
Anna Hazare

अन्ना हजारे (Photo: IANS)

Anna Hazare Reaction on AAP Split: आम आदमी पार्टी (AAP) को शुक्रवार को एक जबरदस्त झटका लगा, जब पार्टी के बड़े नेता और मौजूदा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक और अन्य ने औपचारिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने से पंजाब से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हलचल हो गई। राघव के बीजेपी में शामिल होने पर कांग्रेस, बीजेपी और कांग्रेस सहित कई पार्टी नेताओं के बयान सामने आए है। इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी अपनी राय रखी है।

राघव चड्ढा पर अन्ना हजारे की पहली प्रतिक्रिया

राघव चड्ढा और आप के सांसदों के पार्टी छोड़ने के फैसले पर अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई है। अन्ना ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की अपनी राय है कि उसे कहां जाना है, कहां रहना है। इसके लिए किसी को सख्ती करना ठीक नहीं है। उन्होंने आगे ​कहा कि उनको कोई ना कोई परेशानी हुई होगी इसलिए वो चले गए। कुछ ना कुछ तो कारण होगा। किसी मजबूरी के चलते उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया है।

समाज और देश को भूल गए : अन्ना हजारे

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई पार्टी से अलग होता है तो दोष उनका है। पार्टी सही चलती तो कोई क्यों जाएगा। अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना हमला बोलते हुए कहा कि स्वार्थ आ गया तो लोग भूल जाते हैं। समाज और देश को भूल गए और सत्ता और पैसे के पीछे भाग रहे है इसी वजह से गड़बड़ी हो गई।

बीजेपी में शामिल हुए आप के 7 सांसद

पार्टी छोड़ने के कुछ देर बाद आप सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इनको पार्टी की सदस्यता दिलाई। आपको बता दें कि बीते दिनों अशोक मित्तल के यहां छापेमारी हुई थी। राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके साथ कुल सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। राघव के साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता ने केजरीवाल का साथ छोड़ दिया है।