
अभिजीत दीपके (Photo: IANS)
Abhijit Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश के लोगों के मन में यह भावना बढ़ रही है कि सरकार उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा और रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम रही है। दीपके के मुताबिक, इसी वजह से लोगों का सरकार पर भरोसा लगातार कम हो रहा है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि किसी को आंदोलन करने में खुशी नहीं होती। जब बातचीत और अनुरोध के बाद भी सरकार लोगों की बात नहीं सुनती, तब मजबूरी में आंदोलन करना पड़ता है। उन्होंने मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन को भी इसी स्थिति से जोड़कर देखा।
दीपके ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल मराठा समाज के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इसे मौजूदा समय का सबसे बड़ा और जरूरी मुद्दा बताया। अभिजीत के मुताबिक, सरकार की जिम्मेदारी है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें। अगर ऐसा किया गया होता तो मनोज जरांगे को आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काम नहीं होने और बच्चों को रोजगार के अवसर नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी वजह से लोग आंदोलन का रास्ता चुनने को मजबूर हो रहे हैं।
जब पत्रकार ने दीपके से पूछा कि क्या वह मनोज जरांगे पाटिल से मिलने जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि वह जरूर उनसे मिलने जाएंगे। दीपके ने कहा कि जिस तरह मनोज जरांगे पाटिल दिल्ली आकर उनके आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे थे, उसी तरह अब उनका भी कर्तव्य है कि वह उनके साथ खड़े हों।
बातचीत के दौरान दीपके से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका में दिए बयान को लेकर भी सवाल किया गया। भागवत ने न्यूयॉर्क में कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा।
दीपके ने कहा कि बीजेपी के लोगों को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 12 साल सत्ता में रहने और कई सरकारी एजेंसियों के हाथ में होने के बाद बीजेपी को कहीं न कहीं लगने लगा है कि वह आरएसएस से भी बड़ी हो गई है।
दिपके ने कहा कि मोहन भागवत पहले प्रदर्शन कर रहे जेन-जी युवाओं को देश विरोधी नहीं कहने की बात कह चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ भागवत समावेशी सोच और बच्चों का अपमान नहीं करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने बीजेपी से अपील करते हुए कहा कि अगर उनकी बात नहीं सुनते हैं तो कम से कम अपने मार्गदर्शक मोहन भागवत की बात सुनें। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने में आरएसएस की भूमिका रही है।
Updated on:
30 Aug 2026 09:25 pm
Published on:
30 Aug 2026 09:25 pm
