
Madras HC (Photo: IANS)
प्रेम विवाह की पृष्ठभूमि में हुए नाबालिग अपहरण (Kidnapping) मामले में पद का दुरुपयोग करने पर मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने सशस्त्र बल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक HM जयरामन को गिरफ्तार करने व विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। तमिलनाडु (Tamilnadu) की तिरुवलंकाडु पुलिस ने अपहरण के एक मामले में जयरामन की संलिप्तता की आशंका व्यक्त की थी। हाईकोर्ट ने इसकी पूरी तफ्तीश कर रिपोर्ट पेश करने और IPS के खिलाफ मामला दर्ज करने को भी कहा है। HM जयरामन 30 जून को रिटायर होने वाले हैं।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस वेलमुरुगन ने विधायक ‘पूवै’ जगनमूर्ति और एडीजीपी एच.एम. जयरामन को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था। जस्टिस पी. वेलमुरुगन ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि विधायक व ADGP पेश नहीं होते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर पेश किया जाए। अभियोजन पक्ष द्वारा मामले में उनकी संलिप्तता का आरोप लगाए जाने के बाद से अदालत ने एडीजीपी को तलब किया था।
हाईकोर्ट के समक्ष पहले एडीजीपी और बाद में विधायक जगनमूर्ति पेश हुए। हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। जज ने अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम आदेश जारी किया। जगनमूर्ति की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 26 जून तक स्थगित की गई है। विधायक को आदेश हुआ है कि तब तक वे पुलिस जांच में सहयोग करेंगे।
यह मामला 10 मई को तिरुवलंकाडु के पास कलंबक्कम से एक नाबालिग के अपहरण से संबंधित है। लड़के के बड़े भाई धनुष (23) ने 21 वर्षीय विजयाश्री से उसके परिवार की इच्छा के विरुद्ध विवाह किया था। नाराज लड़की के परिजनों ने कथित रूप से विधायक की मदद से नाबालिग का अपहरण कर लड़के के परिवार को डराने की कोशिश की थी। लड़की के बाप समेत पांच लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
Updated on:
17 Jun 2025 08:03 am
Published on:
17 Jun 2025 07:55 am
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