
नई दिल्ली। अफगानिस्तान संकट पर ( Afghanistan Crisis )के बीच मोदी सरकार ( Modi Government ) ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सरकार की ओर से सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को अफगानिस्तक में चल रहे संकट के बीच भारत की स्थिति को लेकर जानकारी दी।
तालिबान की ओर से अफगानिस्तान पर कब्जा करने की पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री एस जयशंकर ( S Jaishankar ) ने राजनीतिक दलों के नेताओं को ताजा हालात और भारतीयों के बारे में बताया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में कहा है कि हम अपने लोगों को निकालने में जुटे हैं। वहीं कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि अफगानिस्तान मामले में भारत अलग-थलग पड़ता जा रहा है। हालांकि देश हित में सरकार के साथ होने की बात कही। वहीं इस बैठक में विपक्ष ने तालिबान के आने के बाद सीमा पार से आतंकवाद बढ़ने को लेकर भी आशंका जाहिर की।
अफगानिस्तान के हालातों को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी राजनीति दलों के नेताओं के बताया कि अफगानिस्तान में हालात ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, हम अपने लोगों को निकालने में जुटे हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि दोहा में जो तालिबान ने वादे किए थे, वह उसपर खरा नहीं उतरा है।
बैठक में कितने भारतीयों को कैसे और कब-कब वापस लाया गया, अभी कितनों को वापस लाना बाकी है, कितने अफगान नागरिक बचाकर लाए गए हैं, अल्पसंख्यक समुदाय के कितने लोग हैं इसकी जानकारी दी गई।
इसके अलावा तालिबान के साथ बातचीत किस तरह होगी और अफगानिस्तान में भारतीय निवेश की सुरक्षा समेत कई बिंदुओं पर राजनीति दलों के नेताओं को अपडेट किया गया। इस बैठक में विपक्ष ने तालिबान के आने के बाद सीमा पार से आतंकवाद बढ़ने को लेकर भी आशंका जाहिर की।
इसके अलावा भारत में जो अफगानिस्तान के छात्र रह रहे हैं, उनको लेकर भी किस तरह की स्थिति और फैसले लिए जा रहे हैं, इसको लेकर भी सरकार से जवाब मांगे गए हैं।
ऑपरेशन देवी शक्ति की दी जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर विदेश मंत्री ने यह बैठक बुलाई है। इस बैठक में अफगानिस्तान को लेकर भारत के रुख के बारे में सभी दलों के नेताओं को बताया गया।
भारत वहां से अपने सारे कूटनीतिक स्टाफ को वापस बुला चुका है और ऑपरेशन 'देवी शक्ति' के जरिए वहां से अपने नागरिकों तथा अफगानियों को वापस ला रहा है।
16 अगस्त को 80 भारतीयों को वापस लाकर इसकी शुरुआत की गई थी। अब तक 800 से ज्यादा भारतीयों को वतन वापस लाया जा चुका है। मंगलवार को तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे के रास्ते अफगानिस्तान से 78 भारतीय और अफगानी नागरिकों को दिल्ली लाया गया। 146 भारतीय नागरिक कतर की राजधानी से चार अलग-अलग विमानों के जरिए भारत पहुंचे। इन नागरिकों को अमरीका और नाटो के विमान के जरिए पिछले कुछ दिन में काबुल से दोहा ले जाया गया था।
कांग्रेस बोली हम सरकार के साथ
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार पर निशाना साधा। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि तालिबान पर भारत दुनिया में अलग थलग पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने इस बात जोर दिया कि देशहित के मामले में हम सरकार के साथ हैं।
प्रमुख विपक्षी दलों के ये नेता शामिल
कांग्रेस से मलिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी और आनंद शर्मा, एनसीपी: शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस: शुवेंदु शेखर रॉय और सौगत राय, डीएमके: तिरुचि शिवा, आरजेडी: प्रेमचंद गुप्ता, एआईएमआईएम: असदुद्दीन ओवैसी, आम आदमी पार्टी: एनडी गुप्ता, टीडीपी: जयदेव गल्ला, JD(S): एचडी देवेगौड़ा, जेडीयू: ललन सिंह,बीजेडी: प्रसन्ना आचार्य, सीपीआई: विनय विश्वम, शिवसेना: गजानन कीर्ति और सपा से विशम्भर प्रसाद निषाद शामिल थे।
सर्वदलीय बैठक में सभी विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विदेश राज्य मंत्री और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हुए।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अफगानिस्तान के मुद्दे पर दो बार कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक की अध्यक्षता कर चुके हैं। इस मीटिंग में भारतीयों को सुरक्षित वापसी पर जोर दिया गया था। वहीं लोगों की वापसी में किसी तरह की दिक्कत ना आए इसके लिए सरकार ने वीजा पॉलिसी में भी बदलाव करते हुए इमरजेंसी सेवा शुरुआत की है, ताकि आवेदन करने में किसी को परेशानी और देरी ना हो।
Published on:
26 Aug 2021 02:00 pm
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