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अफगानियों को जींस पहनना पड़ा भारी, जानिए राह चलते लोगों के साथ क्या कर रहे तालिबानी

जींस पहनने पर पुरुषों की पिटाई, तालिबानी लड़ाके जींस को मान रहे पश्चिम संस्कृति का पहनावा
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Dheeraj Sharma

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Updated: 24 Aug 2021, 1:00 PM IST

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नई दिल्ली। अफगानिस्तान ( Afghanistan ) पर तालिबान के कब्जे के बाद से ही लोगों पर अत्याचार शुरू हो गया है। अब लोगों को पहनावे को लेकर तालिबानी लड़ाके अपनी मनमर्जी दिखा रहे हैं। जींस जैसे 'पश्चिमी सभ्यता' के कपड़े पहनने पर तालिबानी लोगों की पिटाई कर रहे हैं।

कई युवा अफगान नागरिकों ने इसको लेकर अपना दर्द जाहिर किया। उन्होंने बताया कि जींस पहनकर 'इस्लाम का अपमान' करने के आरोप में उनकी पिटाई की जा रही है।

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महिलाओं के लिए जहां तालिबान ने साफ कर दिया है कि वो बुर्का या हिजाब में से कोई एक विकल्‍प चुन सकती हैं, वहीं अब पुरुषों के लिए भी अब ड्रेस कोड तैयार हो रहा है। खास तौर पर पश्चिमी पहनावे को किसी भी कीमत पर अपनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

यही वजह है कि जींस पहनने पर भी पुरुषों की पिटाई की जा रही है। दरअसल, कुछ युवा काबुल में एक साथ घूमने के लिए निकले थे।

जींस पहने इन युवाओं पर तालिबानी लड़ाकों की नजर पड़ गई। फिर क्या, इन लड़ाकों ने इन युवाओं को घेर लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी।

इस दौरान कुछ युवा मौका पाकर भागने में भी सफल हो गए, जबकि कुछ ऐसा नहीं कर सके।
दरअसल इन तालिबानी लड़ाकों का मानना है कि जींस से इस्‍लाम का अपमान होता है। तालिबानियों के हाथों पिटाई खाए युवाओं ने अपने इस दर्द को सोशल मीडिाय के जरिए बयां भी किया।

बता दें कि तालिबान ने काबुल पर कब्‍जे के साथ ही ये साफ कर दिया था वो अफगानिस्‍तान में इस्‍लामिक कानून लागू करे।

काफी हद तक मुमकिन है कि सरकार के गठन करने के साथ ही तालिबान पारंपरिक परिधान को लेकर अपना आदेश लागू कर दे।

महिलाओं के लिए भी फरमान
अफगानी न्यूजपेपर Etilaatroz के मुताबिक एक पत्रकार की भी पारंपरिक अफगानी पोशाक नहीं पहनने पर तालिबानी आतंकियों ने पिटाई की थी। वहीं, कंधार में तालिबान ने महिलाओं और लड़कियों के लिए फतवा जारी किया है। इस फतवे में कहा गया है कि नेल पॉलिश लगाना प्रतिबंधित है।

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क्या वाकई बदल गया तालिबान?
तालिबान को लेकर कई देशों से लेकर राजनीतिज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी हस्तियों ने कहा था कि इस बार का तालिबान बदल गया है। यही नहीं तालिबानी नेताओं ने वीडियो जारी कर कहा था कि लोगों का सम्मान किया जाएगा, लेकिन एक हफ्ते के अंदर ही तालिबान का असली चेहरा सामने दिखने लगा है। शुरुआत पहनावे के साथ हो गई है, जो आगे चलकर कई और तालिबानी फरमान ला सकती है।