
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर। (फोटो-ANI)
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा हो गई है। इस बीच, खबर है कि भारत के विदेश एस जयशंकर इस हफ्ते यूएई की यात्रा पर जाएंगे। ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट की शुरुआत के बाद किसी भारतीय मंत्री की गल्फ देश में यह पहली यात्रा होगी।
सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जयशंकर 9 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच मॉरीशस और UAE का दौरा करेंगे।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि वह सबसे पहले इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस के लिए मॉरीशस जाएंगे, उसके बाद UAE जाएंगे।
खबर यह भी है कि इस यात्रा के एजेंडे में सबसे ऊपर ऊर्जा सुरक्षा होगा। जयशंकर की यात्रा की घोषणा अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्ष-विराम पर सहमति बनने के कुछ ही घंटों बाद हुई।
भारत ने इस संघर्ष-विराम का स्वागत किया है। भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि इस संघर्ष ने लोगों को पहले ही बहुत ज्यादा तकलीफ दी है और दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई और व्यापार के नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट से होकर जहाजों की आवाजाही की आजादी और दुनिया भर में व्यापार का प्रवाह बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। तब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमला किया था। इस हमले का नाम 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' दिया गया था।
इन हमलों में ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया था। इनमें अयातुल्ला अली खामेनेई तथा उनके परिवार के सदस्यों सहित कई शीर्ष नेता मारे गए थे।
इसके बाद से ईरान ने भी जवाबी हमले किए, जिनमें से कई हमलों से खाड़ी देशों जैसे कि दुबई, कुवैत, अबू धाबी, कतर और बहरीन को काफी नुकसान पहुंचा।
ईरान ने जहाजों की आवाजाही के लिए होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते को भी बंद कर दिया था, जिसे अब उन्होंने एक शुल्क लेकर फिर से खोलने पर सहमति जताई है।
Published on:
08 Apr 2026 04:05 pm
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