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अग्निवीर और नियमित सैनिकों को एक समान नहीं मिलेगी पेंशन, केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में बताई वजह

Agniveer vs Regular Soldier Pension Case: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए अग्निवीर मुरली नाइक की मां ने एक याचिका दायर की थी। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर किया है।
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Agniveer (फाइल फोटो। सोर्स-पत्रिका न्यूज)

Agniveer Pension Rights: केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट के दायर हलफनामे में बताया कि अग्निवीर और नियमित सैनिकों एक समान नहीं है। इस वजह से युद्ध या किसी सैन्य कार्रवाई के दौरान उनकी जान चली जाती है तो उनके परिवार के लोगों को सामान्य सैनिकों की तरह पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।

शहीद अग्निवीर की मां ने दायर की थी याचिका

पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए अग्निवीर मुरली नाइक की मां ने एक याचिका दायर की थी। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने यह हलफनामा दायर किया है। याचिका में कहा गया था कि अग्निवीर भी नियमित सैनिकों की तरह अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं। वे भी खतरों का सामना करने है, जिनका सामना दूसरे सैनिक करते हैं। इस प्रकार से उनके अग्निवीर के परिवारों को दीर्घकालिक पेंशन ओर दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का दूर नहीं करना चाहिए।

जानें सरकार ने हलफनामे में क्या कहा

शहीद अग्निवीर की मां द्वारा दायर पर याचिका के जवाब पर अब केंद्र सरकार ने हलफनामा पेश किया है। हलफनामे में सरकार ने बताया कि अग्निवीर और नियमित सैनिक का वर्गीकरण संवैधानिक रूप से वैध है। सरकार ने बताया कि अग्निवीर योजना एक अल्पकालिक भर्ती योजना है। राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया।

अग्निवीर और सामान्य सैनिक एक समान नहीं

कोर्ट में सरकार ने बताया कि ​अग्निवीरों की सेवा का समय सिर्फ चार साल तय किया गया है। ऐसे में उनकी तुलना नियमित सैनिकों से नहीं की जा सकता। नियमित सैनिकों को मिलने वाली पेंशन उनकी लंबी सेवा अवधी से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। इस प्रकार दोनों अलग अलग श्रेणियों के लोगों के बीच समानता की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।

नहीं हुआ समानता के अधिकार का उल्लंघन

केंद्र स्पष्ट किया है कि इस मामले में समानता के अधिकार का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। सरकार के मुताबिक सशस्त्र बलों के लिए अलग कानूनी व्यवस्था लागू होती है। उन्होंने कोर्ट में बताया कि शहीद अग्निवीरों के लिए मुआवजे की राशि तय की गई है। उन्हें पूरा सम्मान भी दिया जाता है। सरकार ने कोर्ट में बताया कि अग्निवीर मुरली नाइक के परिवार को 2.3 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। सरकार ने उन्हें 'युद्ध में शहीद हुए' घोषित किया है। इसके अलावा पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था।

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