
अहमदाबाद विमान हादसा (File Photo)
अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) को एक साल पूरा हो गया है। आज 12 जून है और आज ही के दिन पिछले साल इस भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। यह हादसा इतिहास के सबसे घातक विमान हादसों में से एक था। इस दर्दनाक हादसे में 260 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोग इस हादसे में मारे गए थे और जिस मेडिकल हॉस्टल में विमान क्रैश हुआ था, उसके 19 लोगों ने भी इस हादसे में अपनी जान गंवा दी थी। विमान में सवार सिर्फ एक शख्स विश्वास कुमार रमेश (Vishwas Kumar Ramesh) की ही इस हादसे में जान बची थी। हादसे को एक साल पूरा होने पर विश्वास ने एक बड़ी बात कही है।
अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल पूरा होने पर इस हादसे में ज़िंदा बचे इकलौते विमान यात्री विश्वास ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि मुझे कभी भी पूरी तरह से शांति मिल सकती है। इस हादसे में मैंने जो झेला और जो खोया, मुझे अपने जीवन के हर दिन उसके साथ जीना होगा।"
विश्वास ने कहा, "लोग देखते हैं कि मैं बच गया हूं, लेकिन लोग हमेशा उन चुनौतियों को नहीं देख पाते जो बंद दरवाज़ों के पीछे बनी रहती हैं। मुझे अब भी नींद, एंग्ज़ायटी और मुश्किल यादों से जूझना पड़ता है। उस दर्दनाक हादसे को एक साल बीतने के बाद भी मैं अपनी ज़िंदगी को फिर से बनाने और अपने परिवार की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं ज़िंदा हूँ, इसके लिए शुक्रगुज़ार हूं, लेकिन सिर्फ बच जाना ही पूरी कहानी नहीं है। उसके बाद मैंने जो कुछ भी झेला है, वो इतना मुश्किल है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।"
एयर इंडिया (Air India) का बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही हादसे का शिकार हो गया। टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही विमान एयरपोर्ट के पास एक मेडिकल हॉस्टल में जाकर क्रैश हो गया और जोरदार धमाका हुआ। विश्वास इस विमान में 11A सीट पर बैठा था और उसकी जान बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
इस हादसे की जांच अभी भी जारी है। क्रैश को एक साल पूरा होने पर 12 जून 2026 को फाइनल रिपोर्ट आने की उम्मीद थी, लेकिन एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जानकारी दी है कि इंजन जांच अधूरी होने के कारण रिपोर्ट जारी करने में 3 महीने की देरी हो सकती है। इंजनों की जांच अमेरिका में GE एयरोस्पेस के पास चल रही है। हादसे की फाइनल रिपोर्ट सितंबर 2026 तक आने की संभावना है।
कुछ महीने पहले इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखकर ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की अपील की। इसके साथ ही पीड़ितों के परिवारों ने कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) के डेटा को भी सावजनिक करने की भी मांग उठाई है। पीड़ितों के परिवारों का कहना है वो पैसा या मुआवजा नहीं चाहते, बल्कि सिर्फ सच जानना चाहते हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करना बहुत ज़रूरी है जिससे पीड़ितों के परिवारों को अहमदाबाद विमान हादसे की वजह का पता चल सकें। पत्र में पीड़ितों परिवारों ने स्पष्ट किया कि अगर यह डेटा पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता तो कम से कम उन्हें निजी रूप से उपलब्ध कराया जाए।
Updated on:
12 Jun 2026 11:05 am
Published on:
12 Jun 2026 09:48 am
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