
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (फोटो- एएनआई)
नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दुनिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन के रूप में प्रचारित इस कार्यक्रम में कई देशों के शीर्ष नेता और टेक उद्योग के दिग्गज शामिल हुए। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आयोजन में अव्यवस्था और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह समिट भारत की डिजिटल और एआई क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर था, लेकिन यह अव्यवस्था का उदाहरण बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ही दिन संस्थापकों, प्रदर्शकों और आगंतुकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खरगे के अनुसार कई प्रतिभागियों को भोजन और पानी की कमी का सामना करना पड़ा, कुछ प्रदर्शकों के उत्पाद चोरी होने की शिकायतें सामने आईं और डिजिटल पेमेंट के बजाय केवल कैश स्वीकार करने जैसी स्थिति बनी। उन्होंने इसे देश के लिए शर्मनाक बताया।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर सरकार ने आरोपों को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शक या प्रतिभागी को असुविधा हुई है तो सरकार इसके लिए खेद व्यक्त करती है और सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारी संख्या में पंजीकरण होने और समानांतर सत्रों के कारण शुरुआती दिन कुछ लॉजिस्टिक चुनौतियां सामने आईं। सरकार का कहना है कि आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई गवर्नेंस और सहयोग के लिए साझा रोडमैप तैयार करना है।
यह पांच दिवसीय समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया गया, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सम्मेलन में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जिम्मेदार एआई विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सरकार का दावा है कि यह आयोजन भारत को वैश्विक एआई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि विपक्ष के आरोपों के बाद अब इस आयोजन की व्यवस्थाओं और समन्वय पर सवाल उठने लगे हैं।
Updated on:
18 Feb 2026 02:52 pm
Published on:
17 Feb 2026 04:23 pm
