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एम्स भुवनेश्वर का कमाल, दुनिया में दूसरी बार हुई इस तरह की दुर्लभ सर्जरी, पीएम मोदी ने डाक्टरों को सराहा

AIIMS Bhubaneswar Amazing एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों ने कमाल कर दी है। एक ऐसी दुर्लभ सर्जरी करने में सफलता हासिल की है, जो दुनिया सिर्फ दूसरी बार हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी डॉक्टरों की इस सफलता से गदगद हो गए। और कहा.. बधाई हो। अब आप जानें एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों ऐसा क्या किया..

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एम्स भुवनेश्वर का कमाल, दुनिया में दूसरी बार हुई इस तरह की दुर्लभ सर्जरी, पीएम मोदी ने डाक्टरों को सराहा

AIIMS Bhubaneswar Amazing एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों ने कमाल कर दी है। एक ही सेटिंग में चार जॉइंट को सफल रिप्लेसमेंट किया। इस शानदार कार्य के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों के प्रयास की सराहना की। पीएम मोदी ने सोमवार को अपने ट्वीट में लिखा कि, चिकित्सा जगत में हमेशा नवाचार में सबसे आगे रहने और नए बदलावों को अपनाने के लिए डॉक्टरों को बधाई। उनकी निपुणता हमें गौरवान्वित करती है! इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी दुर्लभ सर्जरी के लिए चिकित्सा संस्थान की सराहना की थी। चार जॉइंट को सफल रिप्लेसमेंट विश्व स्तर पर रिपोर्ट किया जाने वाला दूसरा मामला है। और ओडिशा में अपनी तरह का पहला मामला है, जहां सभी चार जोड़ों को एक ही साथ बदल दिया गया। इससे पहले सिर्फ एम्स दिल्ली से ऐसा मामला आया है। एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने पीएम मोदी, मंडाविया और प्रधान के प्रेरक शब्दों के लिए आभार व्यक्त किया।

गठिया की वजह से महिला हो गई थी अपंग

मामला कुछ ऐसा था कि, एम्स भुवनेश्वर ने एक मरीज के 4 अंगों का सफल प्रत्यारोपण किया है। केंद्रपाड़ा जिले के आली ब्लॉक की महिला (37 वर्ष) को घुटने और कूल्हे के जोड़ों में गंभीर दर्द था। असहनीय होने पर एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि, वह रूमेटाइड आर्थराइटिस से पीड़ित थी। कूल्हों और घुटनों की गंभीर गठिया की वजह से महिला अपंग हो गई थी।

डॉक्टरों की टीम के लिए थी बड़ी परीक्षा

बताया जा रहा है कि, कूल्हे के जोड़ों में कोई हलचल नहीं थी और उसके दोनों घुटनों में बहुत कम हलचल थी। उसे चारों जोड़ों की रिप्लेसमेंट सर्जरी की जरूरत थी। डॉक्टरों की एक टीम ने मरीज का मूल्यांकन किया। और कूल्हे और घुटने के दोनों जोड़ों की एक ही सेटिंग में सर्जरी की योजना बनाई।

आपरेशन रहा सफल, मरीज खुश

एक सेटिंग में चार ज्वॉइंट रिप्लेसमेंट से मरीज और सर्जन दोनों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पहले कूल्हों को बदला गया। और फिर घुटनों को। तीन घंटे में सर्जरी पूरी हुई। मरीज को दो दिनों तक आईसीयू में रखा गया। तीसरे दिन उसने चलना शुरू किया। और दर्द से राहत मिलने की खुशी उसके चेहरे पर साफ—साफ देखी जा सकती थी। प्रत्यारोपण और सर्जरी का खर्च बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के माध्यम से राज्य सरकार प्रदान किया।

सर्जरी टीम को एम्स भुवनेश्वर कार्यकारी निदेशक ने दी बधाई

एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर आशुतोष बिस्वास मरीज से मिले। और सर्जरी टीम को बधाई दी। डॉ. बिस्वास ने कहा कि, इस तरह की सर्जरी दुर्लभ होती हैं और इन्हें अत्यधिक सावधानी के साथ किया जाता है। डॉ. सुजीत कुमार त्रिपाठी और डॉ. मंटू जैन प्रमुख आर्थोपेडिक सर्जन थे और एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. श्रीतम स्वरूप जेना कर रहे थे।

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