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लवप्रीत तूफान अजनाला जेल से रिहा, ‘वारिस पंजाब दे’ सुप्रीमो अमृतपाल सिंह कौन है, जिसने पंजाब सरकार को दी चुनौती

Who is Waris Punjab De supremo Amritpal Singh अजनाला कोर्ट ने लवप्रीत तूफान को रिहा करने का आदेश दे दिया है। लवप्रीत तूफान को रिहा न करने पर 'वारिस पंजाब दे' सुप्रीमो अमृतपाल सिंह ने देख लेने की धमकी दी थी। आखिरकार पंजाब सरकार दबाव में आ गई। अमृतपाल सिंह कौन है? जिसने अमित शाह को भी धमकी दे दी थी। #Khalistanis

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अजनाला कोर्ट ने दिया लवप्रीत तूफान की रिहाई का आदेश, 'वारिस पंजाब दे' सुप्रीमो अमृतपाल सिंह कौन है, जिसने पंजाब सरकार को दी चुनौती

लवप्रीत तूफान रिहा हो गया है। अजनाला कोर्ट ने शुक्रवार को लवप्रीत तूफान की रिहाई का आदेश जारी किया है। कुछ देर में लवप्रीत तूफान जेल से रिहा हो जाएगा। गुरुवार को अजनाला में बवाल मच गया था। जब खालिस्तान समर्थक लवप्रीत तूफान को पुलिस ने जेल में बंद कर दिया था। तो उसके बाद लवप्रीत तूफान की रिहाई के लिए 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों ने थाने पर हथियारों संग धावा बोल दिया था। और अमृतपाल सिंह ने यह ऐलान किया कि, 24 घंटे के भीतर लवप्रीत तूफान रिहा नहीं हुआ तो ठीक न होगा। पंजाब पुलिस इस धमकी के बाद दबाब में आ गई। सुरक्षा के लिए अजनाला पुलिस चौकी के बाहर 5 जिलों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। थाने में अमृतपाल सिंह ने खुले तौर पर खालिस्तान मुद्दे को उठाया। उसने कहाकि, हमें कोई नहीं रोक सकता, चाहे वह पीएम मोदी हों, अमित शाह हों या भगवंत मान। इस बावल के बाद अमृतपाल सिंह सुर्खियों में आ गया है। हर व्यक्ति के जुबान पर एक ही सवाल है कि, आखिरकार अमृतपाल सिंह कौन है? और इसका धार्मिक संगठन 'वारिस पंजाब दे' और खालिस्तान से क्या सम्बंध है। तो जानें अमृतपाल सिंह कौन है? वारिस पंजाब डे कट्टरपंथियों का एक संगठन है। जिसकी स्थापना एक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने की थी। जिसकी फरवरी 2022 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।

लवप्रीत तूफान को कोर्ट ने किया रिहा करने का आदेश - अमृतसर ग्रामीण SSP

अमृतसर ग्रामीण SSP सतिंदर सिंह ने कहाकि, कल हमें जो सबूत दिए गए हैं उसके मुताबिक लवप्रीत मौके पर मौजूद नहीं था, इसलिए उसे छोड़ा जा रहा है। हम उन सबूतों को न्यायाधीश के समक्ष पेश कर रहे हैं। अभी स्थिति नियंत्रण में है। उसे (लवप्रीत तूफान) रिहा करने का आवेदन दिया गया था। कोर्ट ने उसे रिहा करने का आदेश दिया है। अमृतसर जेल से आज उसे रिहा किया जाएगा।

खालिस्तान आंदोलन एक बार फिर सुर्खियों में

खालिस्तान आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ रहा है। देश के अलावा विदेशों में विरोध प्रदर्शन कर खालिस्तान बनाने का दबाब बनाया जा रहा है। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूके कई मामले देखने को मिले हैं। अमृतपाल सिंह ने कहाकि, जब लोग हिंदू राष्ट्र की मांग कर सकते हैं तो हम खालिस्तान की मांग क्यों नहीं कर सकते हैं।

कौन है अमृतपाल सिंह?

'वारिस पंजाब दे' एक धार्मिक संगठन है। इसकी स्थापना दीप सिद्धू की थी। और एक सड़क दुर्घटना में दीप सिद्धू की मृत्यु हो गई थी। तब से इस की देख रेख अमृतपाल सिंह कर रहा है। अमृतपाल सिंह रोपड़ जिले के चमकौर साहिब के निवासी हैं। अमृतपाल सिंह ने इसी महीने शादी की है। अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक है। वह कई विवादों, अपहरण और धमकियों के मामलों में शामिल रहा है। अमृतपाल सिंह ने हाल ही में कथिततौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी थी कि उनका हश्र पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसा होगा, उसने कहा- प्राथमिकी केवल राजनीतिक मकसद से दर्ज की गई थी।

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हिंदू राष्ट्र की मांग हो सकती है तो खालिस्तान की क्यों नहीं

अमृतपाल सिंह ने सवाल उठाया कि, अगर गृहमंत्री हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों के लिए भी ऐसा ही कहते हैं तो मैं देखूंगा कि वह गृहमंत्री पद पर रह पाते हैं या नहीं। जब लोग हिंदू राष्ट्र की मांग कर सकते हैं तो हम खालिस्तान की मांग क्यों नहीं कर सकते। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने खालिस्तान का विरोध करने की कीमत चुकाई थी। हमें कोई भी नहीं रोक सकता, फिर चाहे वह पीएम मोदी हो, अमित शाह या भगवंत मान।

बौद्धिक दृष्टिकोण से देखें खालिस्तान की मांग

'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने कहाकि, खालिस्तान के हमारे उद्देश्य को बुराई और वर्जित के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे बौद्धिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए कि इसके भू-राजनीतिक लाभ क्या हो सकते हैं और इसके सिखों के लिए क्या लाभ हैं।