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शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ‘सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं, कोई हिंदी-इंग्लिश से कम नहीं’

केंद्र द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में स्थानीय भाषाओं को दिए गए महत्व का जिक्र करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को जोर देकर कहा कि देश की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं और कोई भी हिंदी या अंग्रेजी से कम नहीं है।

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शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, 'सभी भाषाएँ राष्ट्रीय भाषाएँ हैं, कोई हिंदी-इंग्लिश से कम नहीं'

शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, 'सभी भाषाएँ राष्ट्रीय भाषाएँ हैं, कोई हिंदी-इंग्लिश से कम नहीं'

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत देश में सभी स्थानीय भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं, जो उन सभी को महत्व देने के लिए बनाई गई हैं। प्रधान ने नॉर्थ ईस्ट हिल यूनिवर्सिटी (NEHU) के 27वें दीक्षांत समारोह में कहा, "स्थानीय भाषाएं इस देश में इस्तेमाल की जाने वाली किसी भी अन्य भाषा से कम महत्वपूर्ण नहीं हैं, चाहे वह हिंदी हो या अंग्रेजी। यह इस NEP की मुख्य विशेषता है।"

NEP को सभी स्थानीय भाषाओं को महत्व देने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा, "नई नीति के तहत, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिवार्य किया है कि सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं। इसलिए गारो, खासी, जयंतिया (मेघालय में स्थानीय भाषाएं) राष्ट्रीय भाषाएं हैं।"

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बता दें, प्रधान यहां महात्मा मंदिर में दो दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रधान ने कहा, "सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं, चाहे वह गुजराती, तमिल, बंगाली या मराठी हो। कोई भी भाषा हिंदी या अंग्रेजी से कम नहीं है क्योंकि प्रत्येक भाषा का अपना महत्व है। इसलिए हमने अपने नए एनईपी में स्थानीय भाषाओं को महत्व दिया है।"

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हर राज्य का अपना अनूठा प्रस्ताव होता है। राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों को राज्य, संघ राज्य क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम को मिश्रित करने के तरीके भी विकसित करने का सुझाव दिया गया है। हम सभी को अधिक जीवंत शिक्षा परिदृश्य और 21वीं सदी का भारत बनाने के लिए लगातार मिलकर काम करना होगा।

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