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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल 2026, राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार

Anti Paper Leak Bill 2026 Passed in Rajya Sabha: लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 30 Jul 2026, 9:48 PM IST

Anti Paper Leak Bill 2026 Passed in Rajya Sabha

राज्यसभा से भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल 2026 (फाइल फोटो - एएनआई)

Anti Paper Leak Bill 2026: देशभर में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल पर सख्ती के लिए लाया गया पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 अब संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है। लोकसभा से एक दिन पहले मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट के बीच इस विधेयक को पास कर दिया। अब इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा से पारित हुआ विधेयक

राज्यसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह सरकार की छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के प्रति सर्वोच्च प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में इस विधेयक पर करीब 10 घंटे तक चर्चा हुई थी और अब इसे राज्यसभा के विचार के लिए लाया गया है।

जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना

विधेयक पर चर्चा के दौरान जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं पहले भी कई राज्यों और अलग-अलग सरकारों के दौरान सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल अपने निहित स्वार्थों के कारण इस कानून का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए देश का पहला व्यापक कानून मोदी सरकार ने 2024 में बनाया था।

क्या हैं संशोधन के प्रमुख प्रावधान?

संशोधन विधेयक के तहत परीक्षा पेपर लीक और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ सजा और जांच के प्रावधानों को और कड़ा किया गया है। कानून में दोषी पाए जाने वालों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे भर्ती और अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता मजबूत होगी।

नीट विवाद के बाद लाया गया था संशोधन

केंद्र सरकार ने यह संशोधन विधेयक नीट परीक्षा को लेकर देशभर में हुए विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक विवाद के बीच पेश किया था। विपक्ष लगातार पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरता रहा है जबकि सरकार का कहना है कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है।