
Arvind Kejriwal Vipassana: दिल्ली के पूर्व CM और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) अपने परिवार के साथ मंगलवार शाम होशियारपुर जिले के गांव आनंदगढ़ स्थित विपश्यना मेडिटेशन सेंटर (Vipassana Meditation Center) पहुंच गए हैं। हर साल अरविंद केजरीवाल विपश्यना एकांतवास या ध्यान अवकाश पर जाते रहे हैं, यह मन और शरीर की शुद्धि के लिए की जाने वाली एक प्राचीन ध्यान विधि है। यह आत्म-जागरूकता और आत्म-निरीक्षण का एक बेहतरीन तरीका माना जाता है। आपको बता दें केजरीवाल 5 मार्च से 15 मार्च तक वहां एक केंद्र में विपश्यना सत्र में शामिल होंगे। इस दौरान वह किसी भी बाहरी व्यक्ति से मुलाकात नहीं करेंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा से हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल 10 दिवसीय विपश्यना सत्र के लिए पहुंच गए हैं। आज यानी बुधवार से पंजाब के होशियारपुर में विपश्यना मेडिटेशन सेंटर ही रहेंगे। आज सुबह छह बजे से ही केजरीवाल की साधना की शुरुआत हो चुकी है।
पहली विपश्यना: 2013 पहली विधानसभा चुनाव के बाद
केजरीवाल ने अपने जीवन में विपश्यना की शुरुआत पहली दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद 4 दिसंबर, 2013 में की थी। वे 8 दिसंबर को मतगणना से पहले लौट आए थे। उस समय आप ने 70 विधानसभा सीटों में से 28 पर जीत हासिल की और केजरीवाल कांग्रेस के समर्थन से पहली बार मुख्यमंत्री बने। हालांकि कांग्रेस द्वारा समर्थन न मिलने और भ्रष्टाचार विरोधी जन लोकपाल विधेयक पारित न करा पाने के कारण केजरीवाल का पहला कार्यकाल दो महीने से भी कम समय तक का था। केजरीवाल ने फरवरी 2014 में इस्तीफा दे दिया और दिल्ली में केंद्र का शासन लागू किया गया था।
दूसरी विपश्यना: लोकसभा में गिरावट के बाद
केजरीवाल की दूसरी विपश्यना 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ समय पहले हुई थी। उस दौरान केजरीवाल को वाराणसी में नरेंद्र मोदी के समक्ष हार का सामना करना पड़ा था।
तीसरी विपश्यना: 2016 हाईकोर्ट का फैसला
केजरीवाल की तीसरी विपश्यना हिमाचल प्रदेश में हुई थी। अगस्त 2016 में 2015 के दिल्ली चुनावों में उनकी पार्टी की जीत के बाद उन्हें दूसरी बार सीएम बनाया गया। जब वे दूर थे, तब दिल्ली उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि राजधानी उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत "एक केंद्र शासित प्रदेश बनी रहेगी" और "राज्य का दर्जा हासिल नहीं करेगी"।
चौथी विपश्यना: 2017 उपचुनाव में जीत, चंडीगढ़ में प्रवेश
सितंबर 2017 में दिल्ली के बवाना उपचुनाव में पार्टी की जीत के बाद केजरीवाल महाराष्ट्र की 10 दिवसीय विपश्यना यात्रा पर गए थे। सितंबर 2021 में, AAP द्वारा चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में अपने पहले चुनाव लड़ने से कुछ महीने पहले चुनाव जीतने के बाद वे पुनः जयपुर में विपश्यना साधना के लिए चले गए थे।
पांचवी विपश्यना: एमसीडी जीत
आम आदमी पार्टी के लिए 2022 का समय अच्छा था। सबसे पहले इसने एमसीडी पर बीजेपी का कब्ज़ा खत्म किया। फिर गुजरात चुनाव में पांच सीटें जीतकर अपना खाता खोला। फिर केजरीवाल ने विपश्यना सत्र के साथ साल का अंत किया।
छठी विपश्यना: ED के समन से पहले
दिसंबर 2023 के अंत में, जब ईडी ने उन्हें दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, तो केजरीवाल 10 दिन की विदेश यात्रा पर चले गए थे। बता दें की केजरीवाल अकेले ऐसे राजनेता नहीं हैं जो नियमित रूप से विपश्यना करते हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनकी बहन तथा वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी भी विपश्यना का अभ्यास करने के लिए जाने जाते हैं।
2015 में राहुल ने 57 दिनों का अवकाश लिया था, उसमे विपश्यना केंद्र शामिल था। अप्रैल 2013 में उन्होंने मध्य प्रदेश के मोहनखेड़ा में विपश्यना आश्रम में युवा कांग्रेस का अधिवेशन आयोजित किया और उसी साल बाद में पुणे में भी एक बैठक की। मई 2022 में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ध्यान करने के लिए विपश्यना केंद्र गए थे।
विपश्यना ध्यान का एक तरीका है। जो कि बदलते लाइफस्टाइल और बिगड़ते खान-पान के बीच हमारे शरीर के लिए लाभदायक है। विपश्यना एक मानसिक व्यायाम है जो मन और तन दोनों के लिए उपयोगी है। विपस्सना ध्यान खुद को जानने में आपकी मदद करता है। यह भारत की सबसे प्राचीन मेडिटेशन तकनीक है, जिसे लगभग 2600 साल पहले महात्मा बुद्ध ने फिर से खोजा था। महात्मा बुद्ध से पहले भी भारत में ऋृषी-मुनी इसका अभ्यास करते थे। आज दुनिया भर में लगभग 170 विपश्यना मेडिटेशन सेंटर हैं जहां 10, 20, 30, 45 और 60 दिनों तक मेडिटेशन के कोर्स कराए जाते हैं।
विपश्यना ध्यान के कई मानसिक और शारीरिक फ़ायदे होते हैं। इससे तनाव कम होता है, चिंता दूर होती है, और मन शांत रहता है। विपश्यना के जरिए आप अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। विपश्यना को बौद्ध ध्यान के सबसे पुराने रूपों में से एक माना जाता है। विपश्यना का मतलब है, चीज़ों को वैसा ही देखना जैसा वे वास्तव में हैं।
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Updated on:
05 Mar 2025 11:37 am
Published on:
05 Mar 2025 10:02 am

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