
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ( File Photo - IANS)
Asaduddin Owaisi Statement Meenakshi Natarajan: राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक राजनीति घमासान मचा हुआ है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। मीनाक्षी नटराजन विवाद में अब AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी कूद गए है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई FIR दर्ज है, तो नॉमिनेशन फॉर्म में इसकी जानकारी देना जरूरी है। अब वे कह रहे हैं कि कोई FIR नहीं थी।
AIMIM के अध्यक्ष ओवैसी ने कहा कि इस मामले को लेकर कल लोग चुनाव आयोग से भी मिले थे। तेलंगाना से राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह एक प्राइवेट शिकायत थी। BNSS के तहत प्रक्रिया इसी तरह काम करती है। मुझे यह अच्छी तरह याद है क्योंकि जब संसद में BNSS कानून पास हो रहा था, तब सांसद इम्तियाज जलील और मैं वहां मौजूद थे। अगर कोई प्राइवेट शिकायत दर्ज की जाती है, तो कोर्ट आपको नोटिस भेजकर बताता है कि आपके खिलाफ शिकायत की गई है।
होर्मुज स्टेट के पास कमर्शियल जहाज 'सेटेबेलो' पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी राय दी हैं उन्होंने कहा,'मैं इसकी निंदा करता हूं, मैं पूरी तरह से इसकी निंदा करता हूं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पागल हो गए है, उसने पूरे देश और पूरी दुनिया को परेशान कर दिया है। अब मुझे बताइए, हमारे कितने लोग मर रहे हैं? उन्होंने हमारे जहाज पर हमला किया। क्या CENTCOM सेंटर को नहीं पता कि वहां कितने जहाज जा रहे हैं? सबको पता है। उन्होंने हमारे जहाज को तमाशा बना दिया है। पूरा इलाका, पूरा क्षेत्र उथल-पुथल में है।
असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग से तेलंगाना में SIR प्रक्रिया के बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि विसंगतियों वाली सूची में नाम होने के कारण कई लोग ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो सकते हैं।
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि आज हमने देश भर के महासचिवों, प्रभारियों और PCC अध्यक्षों के साथ 3 घंटे लंबी बैठक की। असल में, आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश और झारखंड में जो हालिया घटनाएं हुई हैं, वे लोकतंत्र के लिए बहुत चिंता का विषय हैं। मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द करने का मामला है। वजह यह थी कि उन्होंने कोर्ट से भेजे गए एक नोटिस की जानकारी नहीं दी थी। उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस, FIR या चार्जशीट नहीं थी। और इसी वजह का हवाला देकर मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया।
दूसरी ओर, झारखंड में BJP समर्थित एक कॉर्पोरेट उम्मीदवार का नॉमिनेशन स्वीकार कर लिया गया, जबकि उसने कॉलम में अपना नाम तक ठीक से नहीं लिखा था। यह लोकतंत्र की दयनीय स्थिति को दिखाता है। आज की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और हम इस मुद्दे पर राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।
Updated on:
11 Jun 2026 04:42 pm
Published on:
11 Jun 2026 04:24 pm
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