
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (फोटो- Suhasini Haidar एक्स पोस्ट)
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। हाल ही में ढाका में सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। इसी क्रम में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करना और लंबित मुद्दों पर समाधान तलाशना है। बांग्लादेश की नई सरकार की ओर से यह पहला उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क माना जा रहा है।
बांग्लादेश इस समय ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसका एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष हैं। इस स्थिति में भारत से तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने पर चर्चा अहम रहेगी। इसके अलावा दोनों देश व्यापार प्रतिबंधों को कम करने और निवेश बढ़ाने पर भी विचार करेंगे। ढाका की ओर से भारत से पिछले कुछ समय में लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंधों को हटाने की मांग की जा सकती है। यह वार्ता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक सहयोग भी इस बैठक का अहम एजेंडा है। दोनों देश सीमा क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही गंगा जल समझौते के नवीनीकरण पर भी बातचीत होगी, जिसकी अवधि इस साल दिसंबर में समाप्त हो रही है। वहीं तीस्ता जल बंटवारा समझौता भी एक प्रमुख मुद्दा रहेगा, जो लंबे समय से लंबित है और इसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
भारत की ओर से पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश के माध्यम से जोड़ने की रणनीतिक योजना पर भी चर्चा होगी। यह परियोजना दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ आर्थिक अवसर भी पैदा कर सकती है। वहीं बांग्लादेश ने भारत से वीजा प्रक्रिया को पूरी तरह बहाल करने की मांग की है, ताकि शिक्षा, इलाज, पर्यटन और व्यापार के लिए लोगों की आवाजाही आसान हो सके। यह मुद्दा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
Published on:
07 Apr 2026 08:38 am
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