
अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी। (फोटो- IANS)
पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ ने हमला बोल दिया। अंडे, पत्थर और चप्पलें उन पर बरसाई गईं। शर्ट फाड़ दी गई, छाती पर मुक्के मारे गए और चश्मा तक तोड़ दिया गया। इस दौरान भीड़ 'चोर-चोर' के नारे लगाती रही।
अभिषेक को बचने के लिए हेलमेट पहनना पड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर किसी तरह एक मकान तक पहुंचाया, जहां वे एक घंटे से ज्यादा फंसे रहे। पुलिस की गैरमौजूदगी में यह हमला करीब 10 मिनट तक चलता रहा। बाद में केंद्रीय बल और स्थानीय पुलिस पहुंची और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
अभिषेक का कहना है कि यह BJP कार्यकर्ताओं द्वारा प्लान किया गया हमला था। उन्होंने पहले ही पुलिस को सूचना दे रखी थी, लेकिन कोई सुरक्षा नहीं दी गई। उन्होंने कहा- वे मुझे मारना चाहते थे। मैं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा और लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दूंगा।
हमले के बाद अभिषेक को कोलकाता के ईएम बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन कुछ मिनट में ही उन्हें दूसरे अस्पताल शिफ्ट करना पड़ा। जब अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तो ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन पर दबाव डाला गया।
उन्होंने कहा- विपक्ष के लोगों को इलाज का भी अधिकार नहीं है। डॉक्टरों ने ITU में भर्ती किया था, लेकिन पुलिस के धमकी भरे फोन के बाद उन्हें छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। रात में अभिषेक को घर ले जाना पड़ा।
ममता ने दावा किया कि अस्पताल को DC साउथ से फोन आया था और उन्हें मिनी अस्पताल घर पर ही बनाना पड़ा। उन्होंने कहा- यह कैसा बंगाल है जहां विपक्षी को दवा भी नहीं मिल सकती।
हालांकि, भाजपा ने इस हमले से खुद को अलग किया। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने कहा- ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं। हमारा इससे कोई संबंध नहीं। लेकिन TMC के राज में हमारे 500 कार्यकर्ता मारे जाते अगर वे जीत जाते। हमने संयम रखा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने हमले की निंदा की और कहा कि बंगाल की जनता TMC से नाराज है। उन्होंने अपील की कि लोग कानून अपने हाथ में न लें।
भीड़ में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में विकास नहीं हुआ। एक व्यक्ति ने कहा कि सिर्फ TMC नेताओं के घर के पास सड़कें बनीं। एक महिला ने पूछा- अगर अभिषेक को इतनी चिंता है तो RG Kar पीड़िता के परिवार के साथ क्यों नहीं खड़े हुए?
Updated on:
31 May 2026, 11:05 AM IST
Published on:
31 May 2026, 11:05 AM IST
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