2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बांग्लादेश में हिंदू युवक की निर्मम हत्या के बाद कोलकाता में भारी बवाल, यूनुस के पुतले को पहनाए गए चप्पल-जूते

बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या के बाद भारत में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कोलकाता में लोगों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुहम्मद यूनुस के पुतले जलाए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Dec 23, 2025

बांग्लादेश में हिंदू शख्स की हत्या के बाद कोलकाता में बवाल। (फोटो- ANI)

बांग्लादेश में हिंदू शख्स की बेरहमी से हत्या के बाद अब भारत में भारी बवाल देखने को मिल रहा है। कोलकाता की सड़कों पर भारी संख्या में सोमवार को लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान, बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के पुतले जलाए गए। यहां तक कि पुतले पर चप्पल-जूतों की माला भी पहनाई गई।

उधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को कोलकाता में बांग्लादेश हाई कमीशन के सामने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ बवाल काटा।

क्या बोले कांग्रेस नेता?

पश्चिम बंगाल कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने कहा कि विदेश मंत्री को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा- इंसानियत पर हमला हो रहा है। हिंदू और मुस्लिम दोनों मारे जा रहे हैं। इसमें धर्म को मत लाओ। बीजेपी इस मुद्दे का ध्रुवीकरण करना चाहती है। हम बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों की निंदा करते हैं। प्रियंका गांधी सही थीं। विदेश मंत्री को जागना चाहिए।

मामले पर सरकार से संज्ञान लेने का आग्रह

इससे पहले, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर केंद्र से संज्ञान लेने का आग्रह किया था।

यह विरोध प्रदर्शन बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना के बाद हुआ।

भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला

रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपू दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और 18 दिसंबर को उसके शव को लटकाकर आग लगा दी गई थी हालांकि, बाद में यह बात सामने आई कि उस पर लगे ईशनिंदा के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद थे।

द डेली स्टार ने मैमनसिंह के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अब्दुल्ला अल मामून के हवाले से बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाले एक कर्मी ने भालुका पुलिस को बताया कि श्रमिकों के एक समूह ने दीपू पर फैक्ट्री के अंदर हमला किया, उस पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।

फैक्ट्री सूत्रों ने द डेली स्टार को बताया कि हमलावर बाद में दीपू को फैक्ट्री परिसर से बाहर ले गए, जहां स्थानीय लोग भी हमले में शामिल हो गए, जिससे उसकी मौत हो गई। अब तक इस मामले में लगभग 12 गिरफ्तारी हो चुकी है।