
Mamata Banerjee Marches With Sandeshkhali Women: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 मार्च को पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान तृणमूल कांग्रेस पर तीखे हमले किए। पीएम मोदी ने बारासात में भाजपा के महिला मोर्चा के कार्यक्रम में अपनी टिप्पणी में तृणमूल सरकार को 'महिला विरोधी' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में महिलाएं गुस्से में हैं और 'संदेशखाली का तूफान' संदेशखाली तक ही सीमित नहीं रहेगा और पूरे बंगाल में फैल जाएगा। इस यात्रा में वे संदेशखाली में उत्पीड़न की शिकार महिलाओं से मुलाकात भी की। पीएम की यात्रा के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकाता में महिला समर्थकों की एक रैली का नेतृत्व किया।
दिलचस्प बात यह है कि उत्तरी 24 परगना जिले के संदेशखाली द्वीप की कुछ महिलाओं ने भी रैली में हिस्सा लिया। इनमें वो महिलाएं भी शामिल थीं जिन्होंने जो स्थानीय तृणमूल नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। इस रैली का विषय महिला अधिकार, अमादेर अंगीकार (महिला अधिकार, हमारी प्रतिबद्धता) था। रैली में ममता बनर्जी सबसे आगे पैदल चल रही थीं। उनके साथ इस रैली में प्रमुख महिला तृणमूल नेताओं में सुष्मिता देव, शशि पांजा और पार्टी की नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद और पत्रकार सागरिका घोष शामिल हैं। ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी इस मार्च में शामिल हुए।
बंगाल में महिलाएं सबसे सुरक्षित हैं: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'कल भाजपा नेताओं ने कहा कि बंगाल में महिलाओं पर अत्याचार होता है। मैं चुनौती दे सकती हूं कि बंगाल में महिलाएं सबसे सुरक्षित हैं।' उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'जब मणिपुर में महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया, जब हाथरस में एक महिला के साथ बलात्कार किया गया और उसके शव का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया गया तब आप कहां थे? क्या आप बिलकिस (बानो) को भूल गए हैं?'
अभिजीत गंगोपाध्याय के बीजेपी में शामिल होने पर दी प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के भाजपा में शामिल होने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक बाबू बेंच पर बैठा था और वह भाजपा में शामिल हो गया। आप उनसे न्याय की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?' आपको मालूम हो कि ममता बनर्जी हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को चिह्नित करने के लिए महिलाओं के एक मार्च का नेतृत्व खुद करती हैं लेकिन इस बार यह रैली 7 मार्च को आयोजित की जा रही है। महाशिवरात्रि की वजह से रैली की तारीख 8 मार्च की बजाय 7 मार्च को रखी गई।
तृणमूल के लिए महिला मतदाता मजबूत आधार
महिला मतदाता तृणमूल कांग्रेस के लिए एक प्रमुख मजबूत समर्थन आधार हैं। पिछले 13 वर्षों से पार्टी लगातार सत्ता में रही है। ममता बनर्जी ने कन्याश्री, रूपश्री और लक्ष्मीर भंडार जैसी योजनाओं के माध्यम से इस समर्थन आधार को मजबूत किया है। लेकिन संदेशखाली प्रकरण और भाजपा के आक्रामक अभियान से इस मतदाता आधार के विभाजित होने का खतरा है और तृणमूल इस बारे में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। रही है।
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Published on:
07 Mar 2024 07:27 pm

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