
काउंटिंग से पहले बंगाल में खेला शुरू! सड़क पर पड़ीं VVPAT की पर्चियां (इमेज सोर्स: ANI)
West Bengal VVPAT Controversy: पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती शुरू होने से ठीक पहले सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। जहां एक तरफ आज सोमवार, सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने वाली है और दोपहर तक नतीजों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ एक घटना ने हड़कंप मचा दिया।
उत्तरी 24 परगना के मध्यग्राम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नीलगंज सुभाषनगर में सुभाष नगर पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे कूड़े के ढेर में VVPAT पर्चियां मिलने की खबर सामने आई। जैसे ही इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गईं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। हालांकि, मामले को बढ़ता देख स्थानीय चुनाव अधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया है।
मतगणना से पहले सामने आई इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर नतीजों के साथ-साथ इस विवाद पर भी टिकी हुई है, जो सियासी तापमान को और बढ़ा सकता है।
उत्तर 24 परगना जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा, "जांच करने पर पता चला है कि वीवीपीएटी पेपर स्लिप मतदान दिवस से पहले किए गए मॉक पोल से संबंधित हैं। मतदान दिवस पर हुए वास्तविक मतदान से इसका कोई संबंध नहीं है। विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और सत्यापन एवं कार्रवाई के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।"
वहीं, नोआपारा से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने भी इस बारे में चुनाव आयोग के अधिकारियों को सूचना दी है। अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "नोयापारा विधानसभा क्षेत्र के गरुलिया इलाके में स्थित बूथ नंबर 29 की ईवीएम में इस्तेमाल की गई वीवीपीएटी पर्चियां रविवार की शाम को सुभाष नगर, दत्तपुकुर पुलिस थाना क्षेत्र में कूड़े के ढेर में मिलीं। नियमों के अनुसार, वीवीपीएटी पर्चियों को ईवीएम के साथ स्ट्रांग रूम में रखा जाना चाहिए। घटना की सूचना मिलते ही मैं स्वयं घटनास्थल पर गया, स्थिति का जायजा लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की। इस संबंध में मैंने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और घटना की उचित जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।"
पश्चिम बंगाल में सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। राज्य में कुल 293 जगहों पर मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
गिनती को सही और पारदर्शी रखने के लिए 539 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। सुरक्षा के लिए भी सख्त इंतजाम किए गए हैं-राज्य पुलिस, सशस्त्र पुलिस और केंद्रीय बलों को तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
साथ ही, मतगणना एजेंटों के लिए नियम तय किया गया है कि गिनती पूरी होने तक उन्हें केंद्र के अंदर ही रहना होगा, बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
Published on:
04 May 2026 05:44 am
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