मंडल ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि मैं एक चुनाव एजेंट हूं। कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि बूथ पर कब्जा किया जा रहा है। जब मैं वहां से वापस लौट रहा था, तो रास्ते में मुझ पर हमला किया गया। बूथ लगभग 100 मीटर दूर था। उन्होंने मुझे चारों तरफ से घेर लिया। मेरे जेब में कांच के टुकड़े थे। उन्होंने पूरी कार को तोड़ दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बूथ नंबर 68, भोमर गांव में कब्जा कर रहे थे। मंडल ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि वहां बूथ कब्जा हो रहा है। हमारी कार पर हमला किया गया और पत्थर फेंके गए। मेरे सिर पर चोट आई और मैं खून से लथपथ हो गया।